
जबलपुर। शराब के नशे में धुत जीआरपी जवान द्वारा ट्रेन के स्टाफ के साथ मारपीट और अभद्रता करने की गंभीर घटना सामने आई है। कोटा-हिसार ट्रेन संख्या 19813 में शनिवार रात हुई इस घटना से यात्रियों में भी हड़कंप मच गया। आरोपी जवान की पहचान वीरेंद्र सिंह के रूप में हुई है, जो ड्यूटी पर तैनात था लेकिन उसने वर्दी पर नेम प्लेट नहीं लगा रखी थी।
कोच में घुसकर यात्रियों को किया परेशान
कोटा रेलवे स्टेशन से ट्रेन रवाना होने के बाद जीआरपी जवान वीरेंद्र सिंह नियमों को ताक पर रखकर सेकंड एसी कोच में प्रवेश कर गया। वह शराब के नशे में काफी अधिक था और वहां मौजूद यात्रियों के साथ बदसलूकी करने लगा। जब यात्रियों ने इसकी शिकायत की, तो कोच अटेंडेंट मोहित रेगर और राकेश मीणा ने जवान को समझाने और रोकने का प्रयास किया। जवान ने शांत होने के बजाय दोनों अटेंडेंट के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और उनके साथ जमकर मारपीट की।
टीटीई का मोबाइल तोड़ा और की हाथापाई
हंगामे की सूचना मिलने पर टीटीई राजेंद्र मीणा और रामस्वरूप शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने जब जवान से उसका आईडी कार्ड मांगा और उसे शांत रहने को कहा, तो वीरेंद्र सिंह उग्र हो गया। उसने टीटीई राजेंद्र मीणा के साथ हाथापाई की और उनके हाथ से मोबाइल छीनकर कोच के फर्श पर पटक दिया, जिससे फोन पूरी तरह टूट गया। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें जवान की बदसलूकी साफ दिखाई दे रही है। घटना के बाद आरोपी जवान स्लीपर कोच में जाकर छिप गया।
सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
पीड़ित स्टाफ ने इस मामले की तुरंत सूचना कोटा कंट्रोल रूम को दी। कंट्रोल रूम के निर्देश के बावजूद लाखेरी और सवाई माधोपुर स्टेशनों पर तैनात आरपीएफ और जीआरपी ने आरोपी जवान के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया। सवाई माधोपुर में तो सुरक्षाकर्मियों ने टीटीई से लिखित मेमो तक लेने से इनकार कर दिया। रेल कर्मचारियों का आरोप है कि पुलिस और आरपीएफ के जवान अक्सर बिना टिकट यात्रियों और अपने परिचितों को एसी कोच में बैठाने के लिए टीटीई पर दबाव बनाते हैं और मना करने पर झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देते हैं।


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