
कटनी। जबलपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले कटनी-सिंगरौली रेलखंड पर सोमवार की रात एक बड़ा तकनीकी व्यवधान सामने आया। गजरा बहरा और सरईग्राम रेलवे स्टेशनों के मध्य ओवर हेड इलेक्ट्रिक लाइन क्षतिग्रस्त होकर गिर गई। इस घटना के कारण डाउन और अप दोनों लाइनों पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह से थम गया। प्राथमिक जानकारी के अनुसार किलोमीटर 1290-21 के पास बिजली के तार टूटने की वजह से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई थी। रेल प्रशासन को घटना की जानकारी लगते ही तत्काल संबंधित खंड में ट्रेनों की आवाजाही को रोक दिया गया ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
चालक दल की सतर्कता से टला हादसा
घटनाक्रम के अनुसार सोमवार रात 9 बजे एक मालगाड़ी इस रेलखंड की डाउन लाइन से गुजर रही थी। इसी दौरान लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर की नजर टूटी हुई ओएचई लाइन पर पड़ी। चालक दल ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल इसकी सूचना नजदीकी स्टेशन मास्टर और कंट्रोल रूम को दी। ओएचई लाइन के ट्रैक पर गिरे होने के कारण अप रेल लाइन पर यातायात को सुरक्षा की दृष्टि से बंद कर दिया गया। इस तकनीकी खराबी की वजह से कटनी-सिंगरौली रेलखंड के बीच 3 मालगाड़ियां अलग-अलग स्टेशनों और खंडों में फंसी रहीं।
देर रात तक चला मरम्मत कार्य
सूचना मिलते ही तकनीकी विशेषज्ञों और ओएचई विभाग की टीम विशेष टावर वैगन के साथ मौके पर पहुंची। सुधार कार्य सोमवार देर रात से प्रारंभ होकर मंगलवार 14 अप्रैल की तड़के तक जारी रहा। घने अंधेरे और दुर्गम क्षेत्र के बावजूद रेलवे के कर्मचारियों ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद बिजली के तारों को वापस दुरुस्त किया। मंगलवार सुबह कार्य पूर्ण होने के बाद ट्रैक को फिट घोषित किया गया और अप लाइन पर ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू हो सका। वर्तमान में रेल यातायात सामान्य है और विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि ओएचई लाइन अचानक किस वजह से क्षतिग्रस्त हुई।
जांच के लिए तकनीकी टीम गठित
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। इंजीनियरिंग और विद्युत विभाग की संयुक्त टीम इस बात का पता लगा रही है कि लाइन टूटने का कारण कोई तकनीकी त्रुटि थी या बाहरी हस्तक्षेप। रेलखंड के इस हिस्से में लगे उपकरणों और तारों की गुणवत्ता की भी समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की बाधा उत्पन्न न हो। प्रभावित मालगाड़ियों को उनके गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया है और अब इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह सुचारू है।


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