
छिंदवाड़ा । जिले में बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित होने के बाद विद्यार्थियों द्वारा आत्मघाती कदम उठाने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। मोहखेड़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में 16 वर्षीय छात्रा ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मृतका 10वीं कक्षा की छात्रा थी और हाल ही में आए परीक्षा परिणाम में फेल होने के कारण गहरे मानसिक तनाव से गुजर रही थी। यह जिले में रिजल्ट के बाद सामने आया दूसरा ऐसा मामला है जिसने क्षेत्र में शोक की लहर पैदा कर दी है।
परिणाम घोषित होने के बाद से ही थी तनाव में
मोहखेड़ निवासी छात्रा एमपी बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में सम्मिलित हुई थी। जैसे ही परीक्षा का परिणाम जारी हुआ और उसे अपनी असफलता का पता चला, वह पूरी तरह टूट गई थी। परिजनों के मुताबिक रिजल्ट आने के बाद से ही वह काफी चुपचाप रहने लगी थी और किसी से भी बात नहीं कर रही थी। इसी मानसिक दबाव के चलते उसने अपने घर के कमरे में पंखे के सहारे फंदा बनाया और उस पर झूल गई। काफी देर तक जब कमरे से कोई हलचल नहीं हुई, तब परिजनों ने भीतर जाकर देखा। उसे तुरंत फंदे से उतारकर नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
जिले में परीक्षा परिणाम के बाद दूसरी दुखद घटना
उल्लेखनीय है कि छिंदवाड़ा जिले में बोर्ड रिजल्ट आने के बाद आत्महत्या का यह दूसरा प्रकरण दर्ज किया गया है। इससे पहले परासिया क्षेत्र के मोहन नगर में भी एक 16 वर्षीय छात्रा ने अपने नाना-नानी के घर पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। पुलिस ने मोहखेड़ मामले में मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और परीक्षा के बढ़ते दबाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को असफलता के समय ढांढस बंधाएं।


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