
आरक्षण के संदर्भ में महिलाओं पर की गई टिप्पणी घोर आपत्तिजनक है उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने की बयान की निंदा
भोपाल, मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने आईएएस अधिकारी द्वारा आरक्षण के संदर्भ में दिये गये बयान को आपत्तिजनक बताते हुए निंदा की है। उन्होंने इस बयान को बहन-बेटियों के सम्मान के विरूद्ध और समाज को बांटने वाले बताया। उन्होंने कहा कि सरकार में एक जवाबदार पद पर बैठे अधिकारी द्वारा सार्वजनिक रूप से की गई इस टिप्पणी से सामाजिक समरसता को ठेस पहुंची है। जातिगत, नारियों के सम्मान के विपरीत और समाज को बांटने वाले इस बयान की जितनी भी निंदा की जाए उतनी कम है।
श्री शुक्ल ने कहा कि अधिकारी की इस सोच को भारतीय संस्कृति और मर्यादा का भी अपमान ही कहा जाएगा। हमारी परंपराएं अपमान नहीं सभी वर्गों का सम्मान सिखाती है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी अधिकारी चाहे वह किसी भी रैंक का हो, द्वारा संवैधानिक नीतियों पर ऐसी टिप्पणी करना कदापि उचित नहीं है जिससे सामाजिक ताना-बाना प्रभावित होता हो। अधिकारी के इस बयान से सामाजिक सद्भाव और संविधान का भी अपमान हुआ है।
श्री शुक्ल ने कहा कि आईएएस अधिकारी द्वारा दिए गए आपत्तिजनक और अशोभनीय बयान को लेकर कानून अपना काम करेगा और प्रदेश में किसी भी स्थिति में सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिशों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आईएएस अधिकारी का यह बयान अखिल भारतीय सेवाएं आचरण नियम का भी घोर उल्लंघन है जिसे लेकर सरकार ने भी उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। इस संबंध में सरकार उचित और नियमानुसार कार्यवाही करेगी।



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