
165 एटीएम कार्ड, 23 सिम, 20 पासबुक समेत भारी मात्रा में सामग्री जब्त — मुंबई से एक आरोपी दबोचा, मुख्य सरगना दुबई में फरार
अनूपपुर | 19 मार्च 2026
जिले में साइबर ठगी और अवैध लेन-देन के खिलाफ अनूपपुर पुलिस ने एक बड़ी और संगठित कार्रवाई को अंजाम देते हुए बैंक खातों (म्यूल अकाउंट) के जरिए चल रहे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना कोतमा पुलिस ने इस मामले में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि कई अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
इस कार्रवाई में पुलिस ने 165 एटीएम कार्ड, 23 सिम कार्ड, 20 पासबुक, 5 चेकबुक, 18 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और एक राउटर बरामद कर गिरोह की जड़ों तक पहुंचने का दावा किया है शिकायत से खुला बड़ा नेटवर्क
मामले की शुरुआत 27 फरवरी 2026 को हुई, जब ग्राम पडोर निवासी दीपक केवट ने थाना कोतमा में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि कुछ लोग सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर ग्रामीणों के बैंक खाते खुलवाते हैं और बदले में कमीशन लेते हैं।
खाता खुलने के बाद एटीएम कार्ड, पासबुक और सिम अपने पास रखकर इन खातों का इस्तेमाल ठगी और संदिग्ध लेन-देन में किया जा रहा था।
गिरोह का तरीका (Modus Operandi)
जांच में सामने आया कि गिरोह का स्थानीय संचालन बादल सोनी उर्फ जिमी कर रहा था। वह अपने साथियों के साथ मिलकर भोले-भाले लोगों को फंसाता और विशेष रूप से ऐसे बैंक में खाते खुलवाता जहां ट्रांजेक्शन लिमिट अधिक हो।
इसके बाद सभी दस्तावेज और कार्ड मुंबई भेजे जाते, जहां आरोपी दीपक यादव उर्फ फिलिप उन्हें एक्टिव कर दुबई भेजता था। दुबई में बैठे मास्टरमाइंड इन खातों के जरिए ऑनलाइन फ्रॉड और अवैध सट्टेबाजी संचालित करते थे।
मुंबई कनेक्शन से खुली परतें
पूछताछ के दौरान मुंबई लिंक सामने आने पर पुलिस टीम ने वहां दबिश दी और दीपक यादव उर्फ फिलिप को गिरफ्तार किया। उसके पास से भारी मात्रा में एटीएम कार्ड, सिम, मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद हुए।
आरोपी ने खुलासा किया कि वह दुबई में बैठे सरगनाओं के निर्देश पर काम करता था और रोजाना 10 से 12 लाख रुपये तक की नकदी एटीएम से निकालकर नेटवर्क तक पहुंचाता था।
दुबई में बैठा मास्टरमाइंड
जांच में सामने आया कि गिरोह का संचालन दुबई से किया जा रहा है। मुख्य सरगना हितेश नंदवानी उर्फ सिल्वर ओक्स, विशाल जत्यानी, पंकज सुखनानी और नीतू नंदवानी वहां से पूरे नेटवर्क को नियंत्रित कर रहे हैं।
पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है।
कानूनी कार्रवाई और जांच जारी
इस मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। साथ ही, बैंक कर्मचारियों और अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन को पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगनाथ मरकाम के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। थाना प्रभारी रत्नाम्बर शुक्ल के नेतृत्व में पुलिस और साइबर सेल की टीम ने समन्वित कार्रवाई करते हुए इस बड़े गिरोह का खुलासा किया
यह कार्रवाई न सिर्फ अनूपपुर बल्कि पूरे क्षेत्र में फैल रहे साइबर अपराध के नेटवर्क पर करारा प्रहार है। ग्रामीणों को लालच देकर उनके बैंक खातों का दुरुपयोग करने वाले ऐसे गिरोह अब पुलिस के रडार पर हैं।
संदेश साफ है लालच में आकर किसी को भी अपना बैंक खाता, एटीएम या सिम सौंपना भारी पड़ सकता है।



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