
मध्य प्रदेश में उपभोक्ताओं को ईंधन आपूर्ति में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। विदिशा जिले के एक पेट्रोल पंप पर हुई जांच में उपभोक्ता की शिकायत सही पाई गई, जिसके बाद लाखों रुपये का पेट्रोल जब्त किया गया। यह कार्रवाई न केवल ग्राहकों के हितों की रक्षा का प्रयास है, बल्कि पेट्रोल पंप संचालकों के लिए भी सख्त चेतावनी है कि किसी प्रकार की धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विदिशा जिले में मेसर्स एम. दास लोधी किसान सेवा केंद्र, इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पेट्रोल पंप से जुड़े एक उपभोक्ता ने ईंधन वितरण में गड़बड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग की टीम ने मौके पर निरीक्षण किया।
जांच के दौरान पेट्रोल पंप के स्टॉक में भारी अंतर पाया गया। टीम ने पंप पर मौजूद स्टॉक और रिकॉर्ड का मिलान किया, जिसमें करीब 4900 लीटर पेट्रोल का अंतर सामने आया। इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पंप से 4900 लीटर पेट्रोल जब्त कर लिया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹5,33,626 आंकी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं को गुमराह करने और स्टॉक में हेरफेर जैसी गतिविधियां गंभीर अपराध की श्रेणी में आती हैं। ऐसे मामलों में पेट्रोल पंप का लाइसेंस निरस्त करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।
यह मामला उपभोक्ता संरक्षण और ईंधन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। कार्रवाई से आम जनता को यह संदेश गया है कि यदि कहीं भी ईंधन में गड़बड़ी की शिकायत होगी तो प्रशासन तुरंत सख्त कार्रवाई करेगा।
इस तरह की कार्रवाई से पेट्रोल पंप उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है और संचालकों को भी पारदर्शी तरीके से व्यवसाय चलाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।



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