
भोपाल। देशभर की करीब ढाई लाख ग्राम पंचायतों का कायाकल्प होने वाला है इसकी तैयारी केंद्र सरकार ने शुरू कर दी है। इन पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास भी शुरू कर दिए गए हैं। राजधानी भोपाल में ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने और व्यवस्थित विकास को लेकर 2 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें 14 राज्यों के प्रतिनिधि के साथ आईआईटी, एसपीए और एनआईटी जैसी संस्थाओं के विषय विशेषज्ञ भी शामिल हुए।
*पहले चरण में देशभर की 36 पंचायतों का चयन-:*
बता दें कि केंद्र सरकार ने सबसे पहले आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन पंचायतों का चयन किया है, जो या तो महानगरों के आसपास हैं, या फिर यहां से होकर नेशनल हाईवे गुजर रहे हैं। पहले चरण में 14 राज्यों की ऐसी 36 ग्राम पंचायतों को चिन्हित किया गया है। इन पंचायतों का आत्मनिर्भर बनाने और यहां आधारभूत संरचनाओं को विकसित करने की जिम्मेदारी, वहां की स्थानीय योजना एवं वास्तुकला संस्थानों को सौंपी गई है यही संबंधित ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने का रोडमैप तैयार करेंगे। दरअसल अब तक ग्राम पंचायतों में होने वाले खर्च के लिए केंद्र और राज्य सरकार राशि देते हैं लेकिन यह राशि जरुरत के हिसाब से कम होती है यदि पंचायतें आत्मनिर्भर होंगी, तो व्यवस्थाओं में सुधार होगा इसके लिए ग्राम पंचायत संपत्तिकर की वसूली करेगी कम्यूनिटी हाल या अन्य परिसरों को किराए पर देंगी ग्रामीणों पर स्वच्छता समेत अन्य टैक्स लगाए जाएंगे वहीं पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नॉन टैक्सेबल उपाय भी किए जाएंगे जैसे ग्राम पंचायतों की खाली जमीनों का व्यवसायिक इस्तेमाल कर राजस्व में वृद्धि करना इसके लिए ग्राम पंचायतें बैंकों से कर्ज लेकर शॉपिंग काम्प्लेक्स और अन्य इमारतों का निर्माण करा सकेंगे
पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज ने राजस्व के अपने स्रोतों (ओएसआर) को बढ़ाने के विजन और निरंतर प्रयासों पर जोर दिया उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि आत्मनिर्भर पंचायतें आत्मनिर्भर भारत में तब्दील होंगी, जहां सीएसआर फंड अतिरिक्त अवसर प्रदान करेंगे एक बार ग्राम पंचायतों के पास स्पष्ट रोडमैप हो जाने पर, तकनीकी सहायता और संसाधन प्रगति में बाधा नहीं बनेंगे विवेक भारद्वाज ने इन स्थानिक योजनाओं को मूर्त जमीनी हकीकत में बदलने के लिए एक स्पष्ट विजन और व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया
बता दें कि उन्नत ग्राम पंचायत स्थानिक विकास योजना (जीपीएसडीपी) पर 2 दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला 18 जुलाई, 2025 को सफलतापूर्वक संपन्न हुई. पंचायती राज मंत्रालय द्वारा योजना एवं वास्तुकला विद्यालय, भोपाल के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में 19 सहयोगी नियोजन संस्थानों के सहयोग से 14 राज्यों की 36 ग्राम पंचायतों के लिए स्थानिक विकास की रूपरेखा तैयार की गई इस राष्ट्रीय कार्यशाला में देश भर की ग्राम पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों, नियोजन संस्थानों और सरकारी अधिकारियों सहित हितधारकों का एक विविध पारिस्थितिकी तंत्र एक साथ आया।



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