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सीबीआई ने बिलासपुर रेलवे के मुख्य अभियंता सहित चार लोगों को 32 लाख रुपये की रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया

सीबीआई ने बिलासपुर रेलवे के मुख्य अभियंता सहित चार लोगों को 32 लाख रुपये की रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया


केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेलवे डिवीजन के मुख्य अभियंता विशाल आनंद और उनके सहयोगियों को 32 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सीबीआई द्वारा एक लंबी जांच के बाद की गई, जिसमें रेलवे विभाग में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। सीबीआई ने इस मामले में कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें विशाल आनंद के भाई कुणाल आनंद, ठेकेदार सुशील झाझरिया और उसके कर्मचारी मनोज पाठक भी शामिल हैं।

गिरफ्तार लोग और आरोप

1. विशाल आनंद – दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर के मुख्य अभियंता। उन पर आरोप है कि उन्होंने ठेकेदार से रेलवे कामों के लिए 32 लाख रुपये की रिश्वत ली थी।


2. कुणाल आनंद – विशाल आनंद के भाई, जिन्होंने इस भ्रष्टाचार में मुख्य अभियंता के साथ सहयोग किया।


3. सुशील झाझरिया – ठेकेदार, जिन्होंने रिश्वत देने के लिए पैसे दिए। झाझरिया पर आरोप है कि उसने रेलवे से संबंधित कामों में अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए रिश्वत दी।


4. मनोज पाठक – सुशील झाझरिया के कर्मचारी, जिन्हें रिश्वत के लेन-देन में शामिल होने के कारण गिरफ्तार किया गया।

सीबीआई के अनुसार, विशाल आनंद और उनके भाई कुणाल आनंद ने ठेकेदार सुशील झाझरिया से विभिन्न रेलवे परियोजनाओं के लिए ठेके देने के बदले रिश्वत की मांग की थी। झाझरिया ने अपनी कंपनियों के माध्यम से इन अभियंताओं को पैसे देने का प्रस्ताव रखा था। यह रिश्वत रकम कुल 32 लाख रुपये थी, जिसे सीबीआई ने आरोपियों से बरामद किया।

सीबीआई की जांच में यह सामने आया कि इन लोगों ने रेलवे के विभिन्न कामों के लिए ठेके जारी करने के बदले रिश्वत की वसूली की थी। ठेकेदार सुशील झाझरिया और उनके कर्मचारी मनोज पाठक ने इनकी मदद की थी और रिश्वत की राशि का लेन-देन किया था।

सीबीआई की कार्रवाई

सीबीआई ने इस मामले की जांच शुरू की थी, जब उन्हें रेलवे विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलीं। जांच के दौरान सीबीआई ने विशाल आनंद और उनके अन्य सहयोगियों की निगरानी की और अंततः उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने आरोपियों के घरों और दफ्तरों पर छापे भी मारे, जहां से उन्हें काफी महत्वपूर्ण दस्तावेज और प्रमाण मिले हैं।

प्रभाव और आगे की कार्रवाई

इस कार्रवाई ने रेलवे विभाग के भ्रष्टाचार को लेकर एक बड़ी बहस को जन्म दिया है। सीबीआई ने पुष्टि की है कि मामले में आगे की जांच जारी रहेगी और अन्य संबंधित लोगों को भी शामिल किया जा सकता है। इस मामले में सीबीआई ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

रेलवे विभाग में ऐसी गतिविधियों की जांच और इन पर कार्रवाई को लेकर सीबीआई का यह कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे अन्य विभागों में भी भ्रष्टाचार की जड़ें खत्म करने के प्रयास तेज हो सकते हैं।

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