
चारों ओर शहनाइयों की गूंज थी, घर में हंसी-ठिठोली चल रही थी। एक नवविवाहिता अपने नए जीवन की दहलीज पर खड़ी थी, पर उसके मन में किसी और का अक्स बसा था। यह कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं, मगर सच की धरातल पर खून से लिखी गई थी।
शादी की पहली रात से साजिश की बुनियाद
19 मार्च, औरैया— जब प्रेम की हदें जुनून बन जाएं और वफादारी की जगह खतरनाक इरादे ले लें, तो रिश्ते मौत की साजिश में बदल जाते हैं। प्रगति, जो अब ‘कातिल दुल्हनिया’ के नाम से जानी जा रही है, की शादी बड़ी धूमधाम से हुई थी। मगर उसके दिल में अपने पुराने प्रेमी अनुराग यादव की जगह थी। समाज के दबाव में आकर उसके परिजनों ने उसकी शादी बड़ी बहन के देवर दिलीप कुमार से करा दी। पर यह शादी प्रगति के लिए किसी कैद से कम नहीं थी।
पहली रात से ही उसने अपने पति को मौत के घाट उतारने की योजना बना ली। शादी के बाद उसे ‘मुंह दिखाई’ में जो पैसे मिले थे, वही उसके लिए किसी हथियार से कम नहीं थे। उसने प्रेमी अनुराग के साथ मिलकर तय किया कि दिलीप को रास्ते से हटा दिया जाए।
दुल्हन के दुपट्टे के पीछे छिपी मौत की दस्तक
प्रगति ने शादी के महज 15 दिन बाद ही अपने ही पति की हत्या की सुपारी दे दी। उसने व्हाट्सएप कॉल के जरिए प्रेमी अनुराग से बात की और पेशेवर हत्यारों को ढूंढा। सौदा तय हुआ— दो लाख में जान का सौदा।
प्रगति ने अपने पति की हर हरकत पर नज़र रखी, उसके आने-जाने की पूरी जानकारी प्रेमी को देती रही। फिर वो दिन भी आ गया, जब दिलीप की जिंदगी की आखिरी सांसें गिनी जाने लगीं।
शूटरों के साथ मिलकर रची खौफनाक साजिश
19 मार्च को कन्नौज जिले के उमर्दा इलाके में दिलीप कुमार अपने काम से निकला था। वह क्या जानता था कि उसकी हर हरकत पहले से तय मौत की स्क्रिप्ट का हिस्सा बन चुकी है!
रास्ते में नहर किनारे एक ढाबे के पास उसे कार निकालने के बहाने रोका गया। जैसे ही वह रुका, वहां पहले से मौजूद शूटरों ने अचानक हमला कर दिया। दिलीप को जमीन पर गिरा दिया गया, उस पर लात-घूंसे बरसाए गए, और फिर सिर के पीछे से गोली मार दी गई। खून से लथपथ दिलीप को वहीं पास के खेत में फेंक दिया गया, ताकि उसकी मौत किसी दुर्घटना जैसी लगे।
सीसीटीवी फुटेज ने खोला खौफनाक सच
हत्या के बाद प्रगति ने सोचा था कि अब वह अपने प्रेमी संग नई जिंदगी शुरू करेगी। मगर किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था। पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तो सीसीटीवी कैमरों ने साजिश की पूरी तस्वीर खोल दी।
ढाबे के पास लगे कैमरों में अनुराग और शूटर रामजी नागर की हरकतें रिकॉर्ड हो गईं। हत्या के लिए दिलीप को नहर किनारे बुलाने वाली योजना भी कैमरे में कैद हो गई। पुलिस ने सबूत इकट्ठा किए और छापेमारी शुरू कर दी।
गिरफ्तारी और कबूलनामा
शनिवार की सुबह पुलिस ने हरपुरा इलाके में छापा मारा और कातिल दुल्हनिया प्रगति को हिरासत में ले लिया। उसके साथ प्रेमी अनुराग यादव और शूटर रामजी नागर को भी गिरफ्तार कर लिया गया। उनके पास से एक तमंचा, बाइक और हत्या में इस्तेमाल अन्य सामान बरामद हुआ।
पुलिस पूछताछ में जब प्रगति से सख्ती से सवाल किए गए तो उसने सारी साजिश बयां कर दी। उसने बताया कि दिलीप से शादी उसकी मर्जी के खिलाफ हुई थी और वह किसी भी हालत में अनुराग को नहीं छोड़ सकती थी। इसलिए उसने दो लाख में दिलीप को मरवाने का फैसला किया।
खौफनाक प्रेम और अंतहीन सजा
प्रगति के हाथों की मेंहदी अभी फीकी भी नहीं हुई थी कि वह जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गई। पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है और बाकी बचे अपराधियों की तलाश जारी है।
इसका अंत साफ था— प्रेम की अंधी चाह में एक मासूम पति को अपनी जान गंवानी पड़ी। विवाह का पवित्र बंधन एक खूनी समझौते में बदल गया और कातिल दुल्हनिया अपने ही जाल में फंस गई।



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