
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में धान खरीदी और परिवहन में एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसमें जिला प्रशासन ने नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक समेत 74 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है।

घोटाले का खुलासा
भाजपा विधायक अजय विश्नोई की शिकायत के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर इस मामले की जांच शुरू की गई। जांच में पाया गया कि जिले के बाहर के 17 राइस मिलर्स ने नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों और धान खरीदी केंद्र प्रभारियों के साथ मिलकर फर्जी रिलीज ऑर्डर (RO) के जरिए शासन को करोड़ों का चूना लगाया। इन मिलर्स ने धान का उठाव नहीं किया और दलालों के माध्यम से धान की हेराफेरी की। परिवहन में अनियमितताएं
जांच में यह भी सामने आया कि धान परिवहन के लिए जिन ट्रक नंबरों का उपयोग दिखाया गया था, वे टोल नाकों से गुजरे ही नहीं। बल्कि, बस, कार और टेंपो के फर्जी रजिस्ट्रेशन वाली गाड़ियों के जरिए धान का परिवहन दिखाया गया। 614 ट्रिप्स में से केवल 15 ट्रक ही टोल नाकों से गुजरे, जिससे स्पष्ट होता है कि 95% परिवहन फर्जी था।


प्रशासनिक कार्रवाई
इस घोटाले के उजागर होने के बाद, जिला प्रशासन ने नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक दिलीप किरार, निगम के 13 कर्मचारी, 17 राइस मिल संचालक और 44 सोसाइटी व उपार्जन केंद्र के कर्मचारियों समेत कुल 74 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। प्रशासन इस मामले में आगे की जांच कर रहा है और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है।
इससे पहले भी जिले में 3.81 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी में गड़बड़ियां सामने आई थीं, जिसके चलते प्रशासन ने 22 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी।



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