
नर्मदापुरम। मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान उस समय असहज हो गए जब कार्यकर्ताओं ने ‘भारत माता की जय’ और ‘जय बलराम’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। मंत्री ने मंच से ही नाराजगी जताते हुए पूछा – “यह नारे कौन लगा रहा है?” इस घटना के बाद मंच पर मौजूद लोगों के बीच हलचल मच गई और कार्यक्रम का माहौल अचानक बदल गया।
आखिरक्या है पूरा मामला?
मामला नर्मदापुरम जिले के बनखेड़ी कस्बे का है, जहां मंत्री पटेल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण के लिए पहुंचे थे। जैसे ही वे फीता काटने लगे, तभी समर्थकों ने जोश में आकर ‘भारत माता की जय’ और ‘जय बलराम’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। इन नारों को सुनते ही मंत्री पटेल असहज हो गए और मंच से नाराजगी जताते हुए नारे लगाने वालों से सवाल करने लगे।
कार्यक्रम में मौजूद सांसद दर्शन सिंह चौधरी के करीबी सहयोगी नीतिराज पटेल ने सामने आकर कहा कि नारे हम लगा रहे हैं। इसके बाद किसी तरह मामला शांत हुआ, लेकिन मंच पर इस गुटबाजी की झलक साफ नजर आई।
नारों पर मंत्री जी की आपत्ति क्यों?
मंत्री पटेल ने अपने उद्बोधन में सफाई देते हुए कहा कि वे अनुशासन बनाए रखने के पक्षधर हैं। उन्होंने कहा, “कुछ कार्यकर्ता नारे लगा रहे थे, मैंने सिर्फ यह कहा कि अनुशासन जरूरी है। स्कूलों में सरस्वती जी की जय या लक्ष्मी जी की जय बोली जाती है, तो नारे लगाने वाले एक बार भगवान धनवंतरी की जय भी लगा सकते थे।”
हालांकि, इस बयान से स्पष्ट है कि मंच पर कार्यकर्ताओं की नारों को लेकर मंत्री असहज थे और शायद इसे किसी और संदर्भ में देख रहे थे।
कार्यक्रम के बाद भी गूंजे नारे
मंत्री की नाराजगी के बावजूद कार्यकर्ताओं के जोश में कोई कमी नहीं आई। जब कार्यक्रम समाप्त हुआ, तो एक बार फिर भारत माता की जय और भगवान बलराम की जय के नारे लगाए गए।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा है कि मंत्री नरेंद्र पटेल और सांसद दर्शन सिंह चौधरी के बीच गुटबाजी अब मंचों पर भी दिखने लगी है। कहा जा रहा है कि यह सिर्फ नारेबाजी का मुद्दा नहीं था, बल्कि राजनीतिक खींचतान का एक और उदाहरण था, जो अब खुलकर सामने आया ।



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