
डॉक्टर की पत्नी बोली – मेरे रहते कोई डरने की जरूरत नहीं
रीवा। जिले में निजी नर्सिंग होम में अवैध गर्भपात कराने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस प्रकरण से संबंधित एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक महिला डॉक्टर से किसी युवती का गर्भपात कराने की बात करता दिख रहा है। वीडियो में महिला डॉक्टर न केवल गर्भपात कराने की हामी भरती है, बल्कि पूरी डील को लेकर बातचीत भी करती है। यह वीडियो जिले के रामपुरवा गांव का बताया जा रहा है, हालांकि इसकी तारीख स्पष्ट नहीं हो सकी है।
₹15,000 से शुरू हुई मोलभाव, ₹14,000 में तय हुआ सौदा
वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि गर्भपात की फीस तय करने को लेकर सौदेबाजी हो रही है। शुरुआत में महिला डॉक्टर ₹15,000 की मांग करती है और कहती है कि यह जोखिम भरा मामला है, इसलिए शुल्क अधिक है। बातचीत के दौरान वह यह भी दावा करती है कि अन्य जगहों पर इससे ज्यादा पैसे खर्च होते हैं। युवक के आग्रह पर अंततः सौदा ₹14,000 में तय हो जाता है। महिला डॉक्टर स्पष्ट रूप से कहती है कि युवती को एक-दो दिन के लिए वहीं रुकना होगा ताकि किसी को कोई शक न हो।
बताया जा रहा है कि यह महिला खुद डॉक्टर नहीं है, बल्कि उसके पति डॉक्टर हैं और वही क्लिनिक का संचालन करते हैं।
वीडियो वायरल होने पर दी सफाई – मजाक में कर रही थी बात
वीडियो वायरल होने के बाद जब महिला डॉक्टर कलावती पांडे से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बचाव करते हुए कहा, “मैं इलाज नहीं करती, यह काम मेरे पति का है। उस दिन मैं बस डॉक्टर की कुर्सी पर बैठ गई थी। गर्भपात को लेकर जो बातें हो रही थीं, वह सिर्फ मजाक था। कोई भी कभी-कभी मजाक कर सकता है।”
उन्होंने आगे सफाई देते हुए कहा कि उनके पति आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं और जरूरत पड़ने पर एलोपैथी दवाएं भी देते हैं। उनका क्लिनिक सिर्फ बुखार, इंजेक्शन और सामान्य इलाज तक ही सीमित है, अवैध गर्भपात जैसी कोई गतिविधि नहीं होती।
प्रदेश महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष कविता पांडे ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “यह पहला या दूसरा मामला नहीं है, बल्कि लगातार तीसरा मामला है जो सामने आया है। इससे यह साफ होता है कि स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में ऐसी अवैध गतिविधियां किसी न किसी प्रशासनिक संरक्षण में फल-फूल रही हैं। कांग्रेस इस मामले को लेकर बाल आयोग और मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराएगी।”
कानूनी विशेषज्ञ बोले – अवैध गर्भपात गंभीर अपराध, तुरंत हो FIR
अधिवक्ता बीके माला ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा, “भारत में गर्भपात के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। बिना उचित मेडिकल मंजूरी के ऐसा करना गैरकानूनी है। लगातार ऐसे वीडियो सामने आना यह दर्शाता है कि इन अपराधियों को किसी प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण प्राप्त है। पुलिस को तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।”
प्रशासन ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत
इस मामले को लेकर रीवा पुलिस अधीक्षक (SP) विवेक सिंह ने कहा कि लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों पर जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम कड़ी कार्रवाई करेगी। “वीडियो में दिख रहे सभी संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। दोषी पाए जाने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा।”
इस संबंध में जिला स्वास्थ्य अधिकारी संजीव शुक्ला ने कहा कि “वीडियो की जांच कर उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।“
अवैध गर्भपात के मामले पर वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। जहां प्रशासन ने इस पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है, वहीं आरोपी पक्ष खुद को निर्दोष बताने में जुटा है। इस मामले से एक बार फिर यह सवाल उठता है कि आखिर कानून को ताक पर रखकर किसके संरक्षण में यह गोरखधंधा फल-फूल रहा है? पुलिस और प्रशासन की जांच क्या इस गहरे रैकेट को उजागर कर पाएगी या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा?



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