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हाईकोर्ट ने  आवश्यक कार्यवाही के लिए दिया एक दिन का समय अन्यथा प्रमुख सचिव कोर्ट में हो प्रस्तुत

हाईकोर्ट ने  आवश्यक कार्यवाही के लिए दिया एक दिन का समय अन्यथा प्रमुख सचिव कोर्ट में हो प्रस्तुत

महिला बाल विकास विभाग सिरमौर क्र.2 सेमरिया का मामला


सेमरिया में महिला बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी पर हाईकोर्ट के दखल के वावजूद अब तक कोई सार्थक कार्यवाही नहीं हुई है पोषण आहार परिवहन में हुए भ्रष्टाचार के मामले में सुनवाई करते हुए दिनांक 29,01,2025 को पीठासीन न्यायाधीश ने कहा की भ्रष्टाचार सिद्ध होने के बाद भी आवश्यक कार्यवाही नहीं की गई है यदि एक दिन के अंदर आवश्यक कार्यवाही नहीं की जाती है तो प्रमुख सचिव महिला बाल विकास  31,1,2025 को इस न्यायालय के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहेंगे।
दरअसल 21,1,2025 को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने प्रमुख सचिव को 7 दिवस के अंदर अपना व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर यह बताने को कहा है कि निजी प्रतिवादी के विरुद्ध क्या कार्यवाही प्रस्तावित है तथा भ्रष्टाचार साबित होने के बाद क्यों बचाया जा रहा है।
दिनांक 29,01,2025 को सरकारी अधिवक्ता मानसमणी वर्मा ने प्रमुख सचिव के हलफनामे के साथ कोर्ट में उपस्थित हुए और कहा की प्रियंका मिश्रा को हटा दिया है उनकी जगह पर अंजना सिंह को रखा गया है जिस पर नाराजगी जताते हुए न्यायाधीश ने कहा की भ्रष्टाचार सिद्ध होने के बाद केवल प्रभार हटाया जाना पर्याप्त नहीं है।
वहीं शिकायतकर्ता रघुनंदन कोल के अधिवक्ता विजय कुमार शुक्ला ने हमारे संवाददाता को बताया की भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्यवाही होनी चाहिए क्योंकि एसडीएम की जांच में परियोजना अधिकारी का भ्रष्टाचार प्रमाणित हो चुका है लेकिन अब तक कोई सार्थक कार्यवाही नहीं हुई है अभी भी वह अपने मूल पद पर बनी हुई हैं विभागीय जांच के नाम पर मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

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Kailash Pandey
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