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संसद के शीतकालीन सत्र 2024 में कई महत्वपूर्ण घटनाएँ घटीं, जिनमें प्रमुख मुद्दे, बहसें और विवाद शामिल हैं।

संसद के शीतकालीन सत्र 2024 में कई महत्वपूर्ण घटनाएँ घटीं, जिनमें प्रमुख मुद्दे, बहसें और विवाद शामिल हैं।


संविधान पर चर्चा और गृह मंत्री का भाषण 18 दिसंबर 2024 को राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने संविधान पर चर्चा के दौरान विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पार्टी, पर कई कटाक्ष किए। उन्होंने कांग्रेस पर संविधान विरोधी होने का आरोप लगाया और कहा कि उसे पिछड़े वर्गों की प्रगति की भी परवाह नहीं है। इस भाषण के कुछ अंशों पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई और इसका कड़ा विरोध किया।  वन नेशन, वन इलेक्शन बिल सत्र के दौरान लोकसभा में वन नेशन, वन इलेक्शन बिल पेश किया गया। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस बिल पर आपत्ति जताई, जबकि सरकार ने इसे लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक कदम बताया। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि सरकार को 2/3 बहुमत प्राप्त करना मुश्किल होगा, क्योंकि उन्हें साधारण बहुमत भी नहीं मिला।
डॉ. बीआर अंबेडकर पर टिप्पणी गृह मंत्री अमित शाह की डॉ. बीआर अंबेडकर पर की गई टिप्पणी को लेकर विपक्ष ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने इस मुद्दे पर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया।
संसद में हंगामा और कार्यवाही स्थगन सत्र के दौरान विपक्षी दलों ने कई बार हंगामा किया, विशेषकर संविधान पर चर्चा और वन नेशन, वन इलेक्शन बिल को लेकर। हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
सांसदों के बीच धक्का-मुक्की संसद में विपक्षी और सत्ताधारी दलों के सांसदों के बीच धक्का-मुक्की की घटनाएँ भी सामने आईं। इस दौरान भाजपा सांसद प्रताप चंद्र सारंगी घायल हो गए, जिससे संसद की कार्यवाही प्रभावित हुई।
शीतकालीन सत्र की अवधि में संसद  में कुल 16 विधेयकों पर विचार किया गया, जिनमें वक्फ (संशोधन) विधेयक भी शामिल था।
इस सत्र में जहां एक ओर कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा हुई, वहीं विपक्ष ने सरकार की नीतियों और बयानों पर तीखा विरोध किया, जिससे संसद की कार्यवाही कई बार बाधित हुई।

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