



देवास। सेन्ट्रल इंडिया एकेडमी में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध देवास सहोदया स्कूल्स कॉम्प्लेक्स के छात्र-छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए साइबर सुरक्षा और जागरूकता विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विशेष पुलिस महानिरीक्षक (RAPTC) डॉ. वरुण कपूर (IPS) थे। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन और गणेश वंदना के साथ हुई। इसके बाद विद्यालय के निदेशक श्री चरनजीत सिंह अरोरा और प्राचार्या एवं देवास सहोदया स्कूल्स कॉम्प्लेक्स की अध्यक्ष श्रीमती रीटा सिंह ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
13 विद्यालयों के 1000 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया भाग
इस शिविर में देवास जिले के 13 CBSE से संबद्ध विद्यालयों – पायोनियर पब्लिक स्कूल, विंध्याचल एकेडमी, मां जिनवानी पब्लिक स्कूल, पुष्पगिरि, द एवरेस्ट स्कूल, फेथ फाउंडेशन ग्लोबल एकेडमी, ओपन स्काई एकेडमी, हाटपिपलिया, न्यू ऐरा हायर सेकंडरी स्कूल, कौटिल्य एजुकेशन एकेडमी, ब्राइट स्टार सेंट्रल एकेडमी, सेंट एंटोनी कॉन्वेंट स्कूल, और प्रतिभा ग्लोबल स्कूल – के करीब 1000 छात्र-छात्राओं और 150 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया। कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने इस प्रशिक्षण का लाभ उठाया।
साइबर सुरक्षा: सबसे बड़ी चुनौती
मुख्य वक्ता डॉ. वरुण कपूर ने कहा, “साइबर सुरक्षा आज की सबसे बड़ी चुनौती है।” उन्होंने बताया कि साइबर क्राइम के क्षेत्र में फिशिंग, बुलिंग, स्टॉकिंग, और ऑनलाइन गेमिंग जैसे अपराधों की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इनसे बचने के लिए सतर्कता और जागरूकता बेहद जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि
1. व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें – जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और पता ऑनलाइन न डालें।
2. मजबूत पासवर्ड बनाएं – हर खाते के लिए अलग और मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें।
3. सोशल मीडिया पर सतर्क रहें – अनजान ईमेल/पोस्ट का जवाब न दें, और असामान्य पोस्ट या चैटिंग से असहज होने पर तुरंत माता-पिता या पुलिस से संपर्क करें।
4. आनलाइन लिंक और OTP से सावधान रहें – किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और OTP साझा करने से बचें।
रोचक प्रश्नों के उत्तर और प्रमाण-पत्र का वितरण
शिविर के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर अपराध से जुड़े अपने सवाल पूछे, जिनका समाधान डॉ. कपूर ने विस्तार से बताया। इसके साथ ही साइबर सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं और उनके हल को वीडियो माध्यम से समझाया गया।
कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कु. तनिष्का मेहता और आरव शाह को प्रमाण पत्र और गोल्डन बैज प्रदान कर सम्मानित किया गया।
अंतिम सत्र और स्मृति चिन्ह भेंट
शिविर के समापन पर प्राचार्या श्रीमती रीटा सिंह और अन्य विद्यालयों ने डॉ. वरुण कपूर को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में निरीक्षक श्रीमती पूनम राठौर और उनकी टीम का विशेष योगदान रहा।
डॉ. कपूर ने छात्रों को बताया कि साइबर अपराधों से बचने के लिए तकनीकी ज्ञान और सावधानी जरूरी है। सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। प्रशिक्षण शिविर में विद्यार्थियों और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी ने इसे बेहद सफल बनाया।







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