तीन दिन पहले बन गया था पूरा प्लान,गालियां देता था, पीटता था और जलील करता था, मृतक की बहन ने पुलिस पर लगाया अनदेखी का आरोप
जबलपुर। रोज-रोज गाली-गलौच और मारपीट से तंग आ चुके थे। बर्दाश्त नहीं हो रहा था इसलिए उसे मार डाला। नहीं मारते तो वो एक दिन हमें मार डालता। ये कहना है कि उन आरोपियों का,जिन पर बस स्टैंड के पास एक युवक को जिंदा जलाने का आरोप है। हालाकि, युवक की बहन ने पुलिस पर सवाल उठाए हैं। गौरतलब है कि जबलपुर में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात डायल 100 को पुराने बस स्टैंड में एक बंद प्रॉपर्टी में आग लगने की सूचना मिली थी। ओमती थाना पुलिस फायर ब्रिगेड के साथ मौके पर पहुंची। ताला तोड़ा तो देखा कि युवक का शव जल रहा है। मृतक की शिनाख्त विकास उर्फ विक्की पटेल के रूप में की थी। विक्की के खिलाफ ओमती थाने में मारपीट, अवैध वसूली सहित दर्जनों मामले दर्ज हैं। वह पुराने बस स्टैंड के पास 8 महीने से पान की दुकान लगा रहा था। पुलिस उसके खिलाफ जिलाबदर की भी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही थी।
– विक्की को मारने का कोई मलाल नहीं
बस स्टैंड के पास एक बिल्डिंग में सिक्योरिटी गार्ड हैं। दोनों 24 घंटे यहां रहते हैं। बैतूल निवासी गार्ड हेमराज सहरिया एक साल, तो बिछिया (मंडला) निवासी ज्ञान सिंह ठाकुर 8 से 9 महीने से नौकरी कर रहा है। गार्ड्स ने बताया कि शराब पीकर विक्की हंगामा करता था। कई बार उसने हाथ उठाया। सुरक्षा एजेंसी के मैनेजर से शिकायत की, पर उसने कहा शांत रहो।
…तो हम नहीं फंसते
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि हमने जो योजना तैयार की थी, उसके मुताबिक काम नहीं हुआ वरना नहीं पकड़े जाते। उसके सिर पर हथौड़ी मारी और आग लगा दी। लगा कि देखने वाले समझेंगे कि आग ताप रहे हैं,लेकिन आगे की लपटें लंबी हो गयीं इसलिए फायर ब्रिगेड आ गयी और भेद खुल गया। पहले इरादा था कि बोरे में भरकर कहीं फेंक देंगे,लेकिन बाद में आग लगा दी। आरोपियों ने बताया कि इससे पहले भी विक्की की जान लेने की कोशिश की थी,लेकिन नाकाम हो गये थे।
–बहन बोली, भाई को जान का खतरा था
पेशे से वकील मृतक की बहिन अंजलि ने कहा कि उसका भाई पहले भी कई बार अपनी जान को खतरा जता चुका था और इसकी जानकारी पुलिस को भी दी गयी थी,लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया और उसके भाई की जान चली गयी। हालाकि, पुलिस की ओ से बताया गया है कि रविवार तड़के 4 बजे ओमती सीएसपी पंकज मिश्रा ने अंजलि पटेल को कई बार कॉल किया, पर उनका फोन नहीं उठा। सुबह 7 बजे वे घटनास्थल पहुंचीं। पुलिस की रात्रि गश्त पर भी प्रश्चचिन्ह खड़े किए।




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