
मध्य प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना का जीवन उन सभी के लिए प्रेरणा है, जो ईमानदारी और कड़ी मेहनत को सफलता की कुंजी मानते हैं। देवास जिले के एक छोटे से गांव में जन्मे कैलाश मकवाना ने गांव की मिट्टी से उठकर प्रदेश के सर्वोच्च पुलिस पद तक का सफर तय किया। उनकी नियुक्ति गृह मंत्रालय ने हाल ही में की है।
शिक्षा और पारिवारिक मूल्यों से प्रेरित जीवन
कैलाश मकवाना का जन्म 11 दिसंबर 1965 को उज्जैन के घटिया तहसील के डाबला हरदोई गांव में हुआ। वे एक संपन्न किसान परिवार से हैं। उनके पिता बलवंत सिंह मकवाना, जो 1973 में नायब तहसीलदार बने और 1996 में अपर कलेक्टर के पद से सेवानिवृत्त हुए, ने अपने बच्चों को ईमानदारी और शिक्षा का महत्व सिखाया। उनकी मां गंगा गृहिणी थीं, जिन्होंने परिवार में नैतिक मूल्यों को बनाए रखा।
मकवाना की प्रारंभिक शिक्षा देवास के शिशु मंदिर में हुई और हाई स्कूल उज्जैन के लोटी स्कूल से पूरा किया। परिवार के अनुशासन और शिक्षा के प्रति समर्पण ने उन्हें अपने 6 भाई-बहनों के साथ उच्च पदों पर पहुंचने का मार्ग प्रशस्त किया। उनके भाई प्रोफेसर गिरीश मकवाना बताते हैं कि उनके माता-पिता हमेशा कहते थे, “कुछ भी बनो, लेकिन बेईमान मत बनो।” यही मूल मंत्र कैलाश मकवाना के करियर की नींव बना।

पुलिस सेवा में उल्लेखनीय योगदान
1988 बैच के आईपीएस अधिकारी कैलाश मकवाना ने अपनी सेवाओं के दौरान मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के चेयरमैन के रूप में भी उत्कृष्ट कार्य किया। उनके नेतृत्व में विभाग ने कई सराहनीय पहल कीं। अब, वे 1 दिसंबर 2024 को डीजीपी के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे।
सुधीर सक्सेना का स्थान लेंगे
कैलाश मकवाना निवर्तमान डीजीपी सुधीर सक्सेना का स्थान लेंगे, जो मार्च 2022 से इस पद पर थे और 30 नवंबर 2024 को रिटायर हो रहे हैं। मकवाना की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर कई चुनौतियां सामने हैं।
नए डीजीपी के सामने होंगी ये चुनौतियां
मध्य प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के अनुसार, प्रदेश बलात्कार के मामलों में देश में तीसरे स्थान पर और बच्चों के खिलाफ अपराध में दूसरे स्थान पर है।
इसके अलावा, इंदौर से लेकर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र तक नशे के अवैध कारोबार ने कानून व्यवस्था को चुनौती दी है। मकवाना के सामने इन अपराधों पर लगाम लगाने और पुलिस बल को अधिक कुशल और जनोन्मुखी बनाने का दायित्व होगा।
एक नई उम्मीद का उदय
कैलाश मकवाना की नियुक्ति प्रदेश के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है। उनकी ईमानदारी, कड़ी मेहनत, और नैतिकता ने उन्हें इस पद के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार बनाया है। जनता को उम्मीद है कि वे न केवल अपराधों पर अंकुश लगाएंगे, बल्कि पुलिस विभाग में भी सकारात्मक बदलाव लाएंगे।
डीजीपी कैलाश मकवाना का जीवन यात्रा उस कहावत को चरितार्थ करती है कि ईमानदारी और मेहनत से सब कुछ हासिल किया जा सकता है। उनकी नई भूमिका में प्रदेश की कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने और नागरिकों को न्याय दिलाने की उम्मीद है।






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