
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार दोपहर अचानक राजधानी के भदभदा इलाके में स्थित साइबर पुलिस मुख्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने दो दिन पहले साइबर पुलिस द्वारा डिजिटल अरेस्ट से बचाए गए विवेक ओबेराय से फोन पर बात की। ओबेराय ने मुख्यमंत्री और पुलिस को इसके लिए धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां कहा, पुलिस साइबर क्राइम रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ठग बहुत दुस्साहस दिखा रहे हैं। डिजिटल अरेस्ट से ओबेराय को छुड़ाने के दौरान ठग असली पुलिस से भी आईडी कार्ड मांग रहे थे। देश की पहली घटना है, जब कोई डिजिटल अरेस्ट हुआ हो और उसे लाइव बचाया गया हो। डिजिटल ठगी रोकने के लिए हमने प्रदेश के सभी जिलों में एक-एक साइबर थाना खोलने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि एक हफ्ता पूर्व मुख्यमंत्री ने गृह विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कहा था कि प्रदेश की पुलिस को ‘फ्यूचर रेडी’ यानी भविष्य के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है। इसी तारतम्य में उन्होंने निर्देश दिए थे कि पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए सूचना प्रौद्योगिकी की अद्यतन तकनीकों का उपयोग किया जाए। प्रत्येक थाने में साइबर डेस्क, हर जिले में साइबर थाना और राज्य स्तर पर कॉल सेंटर बनाया जाए। साइबर धोखाधड़ी से लोगों को बचाने के लिए सघन जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के दुरुपयोग से बचने के लिए पुलिस को सतर्क रहने के लिए कहा था।



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