
केन्द्रीय राज्य मंत्री भारत सरकार श्रीमती सावित्री ठाकुर एवं कैबिनेट मंत्री महिला एवं बाल विकास विभाग भोपाल से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन एटक मध्य प्रदेश ने मांग किया है कि जबलपुर उच्च न्यायालय में 14501/2019 क्रमांक याचिका विभा पांडे के नाम पर बरिष्ट अधिवक्ता अरविन्द श्रीवास्तव के ज़रिए दायर किया गया जिसमें मुख्यतः दो मांग की गई थी पहली राज्य सरकार द्वारा काटी गयी 1500 रूपए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 1250 सौ रूपए मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका का750 रुपए प्रति माह बहाल करते हुए 27 .6 .2019 से 2023 तक 84 माह की एरियर्स का भुगतान आंगनबाड़ी को 1 लाख 25 हज़ार रूपए एवं सहायिका को 63 हजार रूपए का भुगतान किया जाए दूसरी मांग थी ग्रेच्युटी की राशि की गणना ग्रेच्युटी एक्ट 1972 के अनुसार की जाए उसी रिट के दबाव में मध्य प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की तीन हजार रुपए ,सहायिका को 1500 रुपए प्रति माह के हिसाब से 2023 से मध्य प्रदेश सरकार ने मानदेय बढ़ा दिया किंतु एरियर्स का भुगतान नहीं किया कामरेड विभा पांडेय ने कहा कि एक याचिका 2023 में लगाई गई थी जिसके फैसले को समाहित करते हुए उच्च न्यायालय जबलपुर ने 3 मई 2026 को आदेश दिया है कि 6 % ब्याज के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिका को 3 जून 2026 के पूर्व मानदेय का भुगतान किया जाए
मानवीय उच्च न्यायालय ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को एक मुश्त ग्रेच्युटी का भुगतान करने के बजाय ग्रेच्युटी एक्ट 1972 के अनुसार गणना कर भुगतान मध्य प्रदेश सरकार करे
सूचना मिली है कि मीननीय केन्द्रीय राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास विभाग भारत सरकार एवं कैबिनेट मंत्री महिला एवं बाल विकास मध्य प्रदेश सरकार का आगमन किसी कार्यक्रम में हो रहा है एटक एवं कम्युनिस्टों के दबाव में ग्रामीण क्षेत्रों एवं शहरी गरीबों के बच्चों में शिक्षा की शुरुआत करने के लिए 1975 में आंगनबाड़ी केन्द्र स्थापित किए गए जिसकी अवधि 50 बर्ष पुरी हो गई है इस मौके पर हमारी मांग है कि जबलपुर उच्च न्यायालय के आदेश को लागू कराते हुए निम्न मांगों को के उपर बिचार करें
1- सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अच्छी गुणवत्ता के मोबाइल दिए जाए
2-आंगनबाड़ी केंद्र संचालन के स्वर्ण जयंती के अवसर पर घोषणा की जाए कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका से केवल बच्चों एवं शिशुओं को शिक्षित करने का कार्य ही कराया जाएगा
3-सुप्रीम कोर्ट के आदेश आई एल ओ की 87 एवं 98 के प्रस्ताव की रोशनी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को नियमित कर्मचारी का दर्जा दिया जाए
4- जबतक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को नियमित नहीं किया जाता है तब तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 26 हजार रुपए मानदेय एवं सहायिका को 20000 बीस हजार रुपए प्रति माह मानदेय दिया जाए
माननीय मंत्री द्वै से निवेदन है कि स्वर्ण जयंती के अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एवं सहायिकाओ को स्वर्ण जयंती के अवसर पर जीवन को बेहतर करने वाले तोहफ़ा प्रदान करने की कृपा करें
विभा पांडेय
प्रांतीय महासचिव
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन एटक मध्य प्रदेश



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