मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक: 6 नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी और नारी शक्ति वंदन पखवाड़े का आगाज

​मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई बड़े निर्णय लिए गए। बैठक में स्वास्थ्य, सिंचाई, कृषि और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए विभिन्न प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। मुख्यमंत्री ने बैठक के प्रारंभ में प्रदेश में आगामी दिनों में आयोजित होने वाले विशेष अभियानों की रूपरेखा भी साझा की।

स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और चिकित्सा शिक्षा को प्रोत्साहन

​प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में कैबिनेट ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 6 जिलों में नए मेडिकल कॉलेज खोलने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। राजगढ़, मंडला, नीमच, मंदसौर, शिवपुरी और सिंगरौली जिलों में इन मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की जाएगी। इस निर्णय से न केवल इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक जिले में उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना है।

नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा और महिला सशक्तिकरण अभियान

​महिला सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 25 अप्रैल तक नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत पूरे प्रदेश में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन और पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी। महाविद्यालयों में भी विशेष कार्यक्रम होंगे ताकि युवा पीढ़ी को इस अभियान से जोड़ा जा सके। डॉ. यादव ने जानकारी दी कि 16 अप्रैल से संसद के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जाएगा, जो देश में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगा।

किसानों को खाद पर सब्सिडी और कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा

​कृषि क्षेत्र की उन्नति के लिए मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार द्वारा खरीफ 2026 के लिए फॉस्फेट और पोटेशियम उर्वरकों पर स्वीकृत 41,833 करोड़ रुपए की सब्सिडी की जानकारी साझा की। इस वित्तीय सहायता से किसानों को रियायती दरों पर खाद उपलब्ध होगी। रायसेन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा उद्घाटित तीन दिवसीय कृषि महोत्सव का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि मैकेनाइजेशन योजना को निरंतर जारी रखा जाएगा। इससे प्रदेश के किसान आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग कर अपनी पैदावार और आय में वृद्धि कर सकेंगे।

दुग्ध उत्पादन में वृद्धि और सिंचाई परियोजनाओं को गति

​पशुपालन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में दूध उत्पादन 9.4 लाख लीटर से बढ़कर अब 12.4 लाख लीटर के स्तर पर पहुंच गया है, जो कि लगभग 25 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त सागर जिले में 286 करोड़ रुपए की लागत वाली मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र की 7200 हेक्टेयर भूमि सिंचित हो सकेगी, जिससे कृषि अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा।

लोक निर्माण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की निरंतरता

​मंत्रिमंडल ने आधारभूत ढांचे के विकास हेतु लोक निर्माण विभाग की चार वर्तमान परियोजनाओं को आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया है। साथ ही जनहितैषी सामाजिक योजनाओं जैसे संबल योजना, मिशन शक्ति, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और मध्यान्ह भोजन परिषद के संचालन को निरंतरता प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 की सेवाओं को भी जारी रखने की मंजूरी दी गई ताकि जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण होता रहे। नक्सल प्रभावित बालाघाट जिले में शांति स्थापना के बाद अब वहां विकास कार्यों को गति देने पर भी कैबिनेट ने विशेष ध्यान केंद्रित करने की बात कही है।

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