
मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा निर्णय मंत्री दिलीप जायसवाल की पहल सफल
मध्य प्रदेश शासन द्वारा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार एवं मज़बूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अनूपपुर जिले के कोतमा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को 30 बिस्तर से बढ़ाकर 100 बिस्तर के सिविल अस्पताल में उन्नत किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई है।
यह निर्णय राज्य की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व एवं स्वास्थ्य विभाग से संबंधित प्रस्तावों पर विचार करते हुए मंत्रिपरिषद की बैठक (दिनांक 09 दिसंबर 2025) में अनुमोदित किया गया।
मंत्री दिलीप जायसवाल की सतत पहल से मिली स्वीकृति

कोतमा क्षेत्र के जनप्रतिनिधि एवं राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल द्वारा लगातार की गई पहल, क्षेत्र की स्वास्थ्य आवश्यकताओं का अध्ययन तथा जनता की समस्याओं को शासन स्तर तक पहुँचाने के प्रयासों का प्रतिफल आज प्राप्त हुआ।
उनके अनुरोध पर विभागीय समीक्षा में कोतमा के अस्पताल उन्नयन को प्राथमिकता दी गई और अंततः प्रस्ताव को मंजूरी मिली।
राज्य में 12 स्वास्थ्य संस्थानों का उन्नयन
प्राप्त स्वीकृति के अनुसार मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के कुल 12 स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इनमें कोतमा के साथ–साथ कई जिलों में समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं सिविल अस्पतालों की क्षमता वृद्धि शामिल है।
इन संस्थानों के संचालन के लिए 345 नियमित पद सृजन 03 संविदा पदों की स्वीकृति136 व्यक्तियों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्ति की स्वीकृति
प्रदान की गई है।
इस निर्णय पर राज्य सरकार द्वारा वार्षिक 27.17 करोड़ रुपये का व्यय अनुमोदित किया गया है।
कोतमा क्षेत्र को मिलेगा बड़ा लाभ


कोतमा का 100-बिस्तर का सिविल अस्पताल क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को महत्वपूर्ण रूप से बदलने वाला है। उन्नयन के बाद
आपातकालीन चिकित्सा सेवाएँ अधिक सक्षम होंगी
प्रसूति, शिशु एवं सामान्य चिकित्सा विभागों में बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध होंगी
खनन व औद्योगिक बेल्ट के श्रमिकों को त्वरित उपचार मिलेगा
गंभीर मरीजों को अब बड़े शहरों की दूरी नहीं तय करनी पड़ेगी
युवाओं के लिए रोजगार के अवसर मिलेगे
स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने निर्णय का स्वागत करते हुए इसे कोतमा क्षेत्र की लंबे समय से लंबित आवश्यकता की पूर्ति बताया है।
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा कोतमा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन न केवल अनूपपुर जिले बल्कि सम्पूर्ण अंचल के स्वास्थ्य तंत्र को नई दिशा देने वाला होगा।
यह निर्णय राज्य सरकार की जनोन्मुख, स्वास्थ्य-केंद्रित नीतियों का सार्थक उदाहरण है।



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