
2026-27 से दोगुनी होगी विकास निधि, छोटे-बड़े कामों के लिए नहीं देखना पड़ेगा सरकार का मुंह
भोपाल।
मध्यप्रदेश में अब विधायकों को अपने विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य कराने के लिए अधिक धनराशि उपलब्ध होगी। सरकार ने स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MLALAD Fund) को दोगुना करने का निर्णय लिया है। आगामी बजट में इसकी घोषणा की जाएगी और यह व्यवस्था वित्तीय वर्ष 2026-27 से लागू होगी।
वर्तमान में विधायक निधि की राशि ढाई करोड़ रुपये प्रतिवर्ष है, जिसे बढ़ाकर पाँच करोड़ रुपये प्रतिवर्ष किया जाएगा। इस निर्णय के बाद विधायक अपने क्षेत्र में सड़क, नाली, आंगनवाड़ी भवन, स्कूलों के अतिरिक्त कक्ष, सामुदायिक भवन, उद्यान और अन्य छोटे-मझोले कार्यों को बिना किसी योजना पर निर्भर हुए करा सकेंगे।
स्वेच्छानुदान भी बढ़ाने की तैयारी
वर्तमान में विधायकों को 75 लाख रुपये स्वेच्छानुदान मिलता है। इसे बढ़ाकर एक करोड़ रुपये करने पर भी सहमति बनी है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि जनता की अपेक्षाएँ बहुत अधिक हैं, लेकिन मौजूदा निधि से सभी कार्य संभव नहीं हो पाते। निधि बढ़ने से जनता की छोटी-छोटी समस्याओं का समय पर समाधान हो सकेगा।
मुख्यमंत्री–विधानसभा अध्यक्ष की बैठक में बनी सहमति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच इस विषय पर प्रारंभिक चर्चा हो चुकी है। बजट में विधायक निधि बढ़ाने और अन्य सुविधाओं के विस्तार की औपचारिक घोषणा की जाएगी।
अन्य राज्यों से तुलना
दिल्ली में यह निधि पहले 10 करोड़ थी, जिसे आम आदमी पार्टी की सरकार ने 15 करोड़ रुपये कर दिया था।
भाजपा सरकार ने इसे घटाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया है।
उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तराखंड और केरल जैसे राज्यों में भी विधायक निधि पाँच करोड़ रुपये प्रतिवर्ष दी जा रही है।
भाजपा विधायकों के लिए अलग योजना
मध्यप्रदेश सरकार ने भाजपा विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 15-15 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की अलग कार्ययोजना भी बनाई है, जिसमें अधोसंरचना विकास और वे काम शामिल किए गए हैं जो अन्य योजनाओं में नहीं आ पाते। कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार विकास कार्यों में भेदभाव कर रही है।



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