
आदिवासी अंचल से सौतेला व्यवहार क्यों? – ट्रेन सुविधा के लिए मंच ने खड़ा किया सवाल
जिला विकास मंच ने रेलवे जीएम को सौंपा ज्ञापन, ट्रेनों के विस्तार और स्टेशन सुविधाओं में सुधार की मांग
अनूपपुर।
जिला विकास मंच के संयोजक एडवोकेट वासुदेव चटर्जी ने रेलवे महाप्रबंधक (जीएम), दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के नाम स्टेशन मास्टर अनूपपुर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इसमें ट्रेनों के विस्तार, ठहराव और रेलवे स्टेशनों की सुविधाओं को लेकर कई अहम मांगें की गई हैं।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई है कि ट्रेन नंबर 11201/11202 नागपुर-शहडोल-नागपुर का विस्तार अंबिकापुर या अनूपपुर तक किया जाए ताकि नागपुर जाने वाले यात्रियों को बार-बार ट्रेन बदलने की परेशानी से मुक्ति मिल सके। साथ ही हमसफर एक्सप्रेस (22169/22170) को अनूपपुर जंक्शन पर ठहराव देने और उसमें तीन सामान्य शयनयान कोच जोड़े जाने की मांग रखी गई।
वासुदेव चटर्जी ने बताया कि यह पूरा क्षेत्र आदिवासी बहुल और पिछड़ा है, जहां द्रुतगामी ट्रेनों की बेहद कमी है। चिकित्सा व शिक्षा के लिए नागपुर जैसी जगहों तक सीधी रेल सेवाएं न होने से लोगों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ता है।
इसके अतिरिक्त ज्ञापन में इन मांगों को भी शामिल किया गया
अंबिकापुर से दुर्ग इंटरसिटी एक्सप्रेस का शीघ्र संचालन।
अंबिकापुर-नागपुर के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन या मौजूदा ट्रेनों का रैक विस्तार।
गोंदिया-बरौनी, अंबिकापुर-जबलपुर, और नागपुर-शहडोल ट्रेनों का विस्तार नागपुर/इतवारी या अंबिकापुर तक।
अंबिकापुर-निजामुद्दीन सुपरफास्ट को नियमित किया जाए।
अंबिकापुर-बरवाडीह व अंबिकापुर-रेणुकूट रेल परियोजनाओं को बजट स्वीकृति के साथ प्रारंभ किया जाए।
अनूपपुर स्टेशन से जुड़ी प्रमुख मांगें
अमृत भारत योजना के तहत स्टेशन का उच्च गुणवत्ता से नवीनीकरण।
एफओबी (लिफ्ट व रैंप सहित) का शीघ्र निर्माण।
बी.के-61 रोड ओवरब्रिज का कार्य समय-सीमा में पूर्ण किया जाए।
पे-एंड-यूज़ सुलभ शौचालय, जन औषधि केंद्र, क्लॉक रूम, टिकट काउंटर, व नई एंट्री गेट की स्थापना।
प्लेटफॉर्म 3 और 4 की ऊंचाई बढ़ाने व दोनों सिरों पर शौचालय की सुविधा।
अनूपपुर GRP चौकी को थाना का दर्जा व रेलवे मजिस्ट्रेट की नियुक्ति।
वंदे भारत व अमृत भारत ट्रेन को अनूपपुर होकर चलाने की मांग।
मेडियारास में नया रेलवे स्टेशन और वहां वाशिंग पिट निर्माण की मांग, जिससे स्थानीय ट्रेनों का संचालन आसान हो सके।
रामपुर-बटुरा खदान साइडिंग को मेडियारास स्थानांतरित करने का सुझाव।
बिरसिंहपुर, नौरोजाबाद जैसे धार्मिक स्थलों पर रामनवमी जैसे पर्वों पर ट्रेनों के अस्थायी ठहराव की मांग।
कोरोना काल में बंद ट्रेनों के ठहराव को पुनः शुरू करने की मांग।
फुटओवर ब्रिजों पर ट्रेनों की जानकारी देने वाले डिजिटल साइनबोर्ड लगाने का सुझाव।
बिलासपुर से चेन्नई, पटना, पुणे, एरनाकुलम की ट्रेनों का विस्तार अंबिकापुर या कटनी तक करने का अनुरोध।
वासुदेव चटर्जी ने कहा कि ये सभी मांगे क्षेत्रीय जनता की सुविधा और विकास से जुड़ी हैं। उन्होंने रेलवे प्रशासन से इन पर गंभीरतापूर्वक विचार कर त्वरित कार्यवाही करने का आग्रह किया।



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