
“शिलांग हनीमून मर्डर डेड एंड लव स्टोरी”
(सच्ची घटना पर आधारित)
रात के सन्नाटे में एक लड़की गाजीपुर के थाने में बेहोश होकर गिरती है। उसका पति शिलांग के जंगलों में मृत मिलता है। उसका अतीत अनजाना है, वर्तमान उलझा हुआ, और भविष्य…? खून से सना हुआ।
ये कोई थ्रिलर फिल्म नहीं… यह एक असली घटना है जो देश के तीन राज्यों की पुलिस, एक नवविवाहित जोड़े, और एक पूर्व प्रेमी की गिरफ्तारी से जुड़ी है।
इस कहानी में हनीमून है, होटल है, हत्या है… और एक रहस्यमयी डिब्बी भी।
“शिलांग हनीमून मर्डर प्रेम, छल और एक डिब्बी का राज़”
प्रेम विवाह और हनीमून की शुरुआत
सोनम, एक सामान्य मध्यवर्गीय युवती, जिसने हाल ही में राजा रघुवंशी से विवाह किया था।
दोनों ने एक साथ शिलांग को अपने हनीमून गंतव्य के रूप में चुना।
होटल बुकिंग, सोशल मीडिया पोस्ट, और मुस्कुराते चेहरे… सब कुछ फिल्मी लग रहा था।
लेकिन शिलांग की घाटियों में जब उनके होटल से एक सन्नाटा फैला और राजा का शव बरामद हुआ, कहानी की स्क्रिप्ट डरावनी होने लगी।
एक डिब्बी जो सबकुछ बदल दे
राजा के भाई ने आरोप लगाया कि सोनम के सूटकेस से एक संदिग्ध डिब्बी मिली है।
क्या उसमें कोई जहरीला पदार्थ था?
क्या यह हत्या एक पूर्व नियोजित षड्यंत्र था?
फॉरेंसिक रिपोर्ट अब इस केस की रीढ़ बन चुकी है।
ऑफिस कनेक्शन – राज कुशवाहा की एंट्री
सोनम के साथ एक ही ऑफिस में काम करने वाला राज कुशवाहा, अब इस हत्याकांड की मुख्य कड़ी बनकर सामने आ रहा है।
विवाह से पहले सोनम और राज के बीच करीबी संबंधों की पुष्टि कॉल डिटेल्स और चैट से हो रही है।
पुलिस को शक है कि वही हनीमून के दौरान शिलांग पहुंचा और… सब खत्म कर गया?
चार परछाइयाँ – सागर और इंदौर से तीन गिरफ्तारी
MP पुलिस ने सागर से तीन युवकों को गिरफ्तार किया।एक फरार बताया जा रहा है।
तीनों का सोनम से संपर्क इंस्टाग्राम और WhatsApp के जरिए था।
एक आरोपी ने नकली वेबसाइट और नौकरी के बहाने सोनम से संपर्क साधा था।
क्या ये तीनों आरोपी शिलांग में मौजूद थे?
क्या इन्होंने हत्या में सहयोग किया?
या किसी और मिशन पर थे? सोनम का फरार या अपहरण?
हत्या के बाद सोनम लापता हो गई।
फिर गाजीपुर में होटल मालिक से फोन लेकर उसने अपने भाई से बात की।
भाई ने कहा—”थाने जा!” — और वहां वह बेहोश होकर गिर पड़ी।
क्या वह डर के मारे भागी थी?
या उसे जानबूझकर वहां छोड़ा गया?
क्या उसे मालूम था कि गिरफ्तारी शुरू हो चुकी है?
डिब्बी, दस्तावेज और डिजिटल जाल
डिब्बी के अलावा कई डिजिटल प्रमाण मिले हैं
सोनम के मोबाइल में राज से पुरानी चैटिंग।
तीनों आरोपियों के कॉल रेकॉर्ड, ट्रैवल बुकिंग और GPS डेटा।
होटल के CCTV फुटेज।
सबकुछ अब फोरेंसिक जांच की निगरानी में है।
मेघालय पुलिस बनाम सोनम का परिवार
सोनम के पिता का आरोप—”मेरी बेटी को फंसाया जा रहा है।”
उनका दावा है कि मेघालय पुलिस झूठ बोल रही है।
उनकी मांग – CBI जांच।
दूसरी ओर, राजा रघुवंशी के परिवार का दर्द – “हमें न्याय चाहिए। ये हनीमून नहीं, साजिश थी।”
अंतिम अध्याय यह प्रेम कहानी नहीं, एक क्राइम स्टोरी है
एक प्रेमी, एक पति, एक रहस्यमयी डिब्बी।
एक लड़की, जो अब खुद केस की केंद्रबिंदु है।
तीन राज्य, तीन पुलिस टीमें, और एक CBI की आस। प्रस्तावित जांच और मीडिया दिशा निर्देश
मेघालय, MP और यूपी पुलिस की संयुक्त प्रेस वार्ता हो।
डिब्बी का फोरेंसिक विश्लेषण सार्वजनिक हो।
राज कुशवाहा की ट्रैवल डिटेल और फोन लोकेशन जांचे जाएं।
सोनम की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और मेडिकल परीक्षण हो।
CBI जांच की सिफारिश हो – ताकि निष्पक्षता बनी रहे।
क्या यह कहानी है… या चेतावनी?
“कभी-कभी प्यार की शुरुआत किसी के अंत की भूमिका बन जाती है। और कभी एक हनीमून, पूरी ज़िंदगी की त्रासदी बन जाता है।”
यह केस अब केवल “राजा-सोनम” की कहानी नहीं है यह एक सिस्टम की परीक्षा है,
जहां साइबर प्रेम, डिजिटल ट्रैकिंग, इमोशनल ब्लैकमेल, और हत्या सब एक ही कथा में बंधे हैं।


Leave a Reply