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पशु तस्कर बल्लू की गिरफ्तारी और वायरल वीडियो छोड़ गया कई सवाल,

पशु तस्कर के काल डिटेल से कई चेहरे होंगे बेनकाब?

पशु तस्कर बल्लू की गिरफ्तारी और वायरल वीडियो छोड़ गया कई सवाल, पशु तस्कर के काल डिटेल से कई चेहरे होंगे बेनकाब?


कोतमा। (रमाकांत शुक्ला )

जिले के कोतमा थाना क्षेत्र में पशु तस्करी  के मामले में बल्लू और मोहित की गिरफ्तारी के बाद रविवार को कोतमा पुलिस ने दोनों आरोपियों को विशेष न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिए इस बीच कैमरे व मीडिया की जद से दूर पशु तस्कर बल्लू व मोहित सिंह को बिना किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस के सोमवार की शाम 5 बजे न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हें माननीय न्यायालय द्वारा उन्हें जेल भेज दिया गया।

वायरल वीडियो ने मचाया बवाल ?

इसी बीच सोमवार की दोपहर बल्लू के इकबालिया बयान का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ जिसमें उसने अपना जुर्म तो कबूल किया मगर इस जुर्म को संरक्षण देने में 5 कथित पत्रकारों व अन्य लोगों का नाम लिया बल्लू ने यह बात भी कही कि यह पत्रकार 3000 से 5000 हजार महीना लेते थे और पैसे के लिए दबाव बनाते थे पैसे न देने पर खबर छापने की धमकी देते थे व मुखबिरी कर पशु तश्करी का वाहन भी पकड़ा देते थे। चूंकि मामला गौ तश्करी और पिस्टल की बरामदगी का था मगर इस पूरे मामले में एक वायरल वीडियो ने पूरे घटनाक्रम का रूप ही बदलकर पशु तश्करी के संरक्षक सिर्फ पत्रकारों को बनाकर शेष बल्लू के करीबी नेताओं और पुलिसकर्मियों को साफ साफ क्लीन चिट देने का प्रयास कर पत्रकारों को टारगेट बनाने की एक कोशिश की गई है। हम यह कतई नहीं कह रहे हैं कि पशु तस्कर बल्लू से सिर्फ पत्रकार ही पैसा लेते रहे होंगे। मगर बल्लू ने सिर्फ पत्रकारों का ही नाम क्यूं लिया यह अपने आप में बड़ा प्रश्नचिन्ह है।

पुलिस कप्तान ने कहा हमारे अभिरक्षा में नहीं बना वीडियो

उक्त मामले में अनूपपुर जिले के पुलिस कप्तान मोती उर रहमान का यह बयान की वीडियो कहा से आया हमें नहीं मालूम पुलिस की अभिरक्षा का यह वीडियो नहीं है। वायरल वीडियो संबंधित यदि कोई दस्तावेज मिले तो कार्यवाही की जायेगी। अपने आप में वायरल वीडियो को ही संदिग्ध साबित कर दिए हैं। सवाल यह खड़ा हो रहा है कि जब बल्लू को यूपी से गिरफ्तार किया गया तब से वो पुलिस अभिरक्षा में था। तो यह वीडियो किसने बनाया और क्यों वायरल किया। और यदि ऐसा नहीं था तो पुलिस अभिरक्षा के पहले बल्लू ने अपना इकबालिया बयान क्यों नहीं वायरल किया। इसका मतलब साफ है कि यह वीडियो वायरल कराया गया है। जनचर्चा यह है कि पुलिस ने जब बल्लू का मोबाइल ट्रेस किया होगा तो निश्चित है काल डिटेल भी मिले होंगे और काल डिटेल मिले होंगे तो निश्चित है कि उसमें नेता,पत्रकार और पुलिस कर्मी भी होंगे ? अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि काल डिटेल में आए उन समस्त नामों और पैसे के लेनदेन करने वालों के नाम सार्वजनिक किए जाए, इसके लिए पुलिस को किसी साक्ष्य की आवश्यकता नहीं है बल्लू का मोबाइल और फोन पे की हिस्ट्री और काल डिटेल पुलिस के लिए पर्याप्त आधार है।


पुलिस ने क्यों नहीं किया प्रेस कॉन्फ्रेंस ?

उक्त मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अनूपपुर जिले के लगभग हर बड़े मामलों का खुलासा पुलिस कप्तान मोती उर रहमान स्वयं करते हैं। जहां मीडिया के सामने घटना का पूरा विवरण पुलिस के परिश्रम व किन परिस्थितियों में आरोपी को पकड़ा गया उसका एक एक अपडेट पुलिस कप्तान मोती उर रहमान स्वयं देते हैं। मगर यह एक पहला मामला है जो आरोपियों के फरार होने, मंत्री दिलीप जायसवाल द्वारा गौमांस की पुष्टि होने पर पशु तस्करों के ठीहे पर बुलडोजर चलाने, जिला बदर के निर्देश के बयान के बाद यह मामला जिले की पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया था। मगर घटना के दिन 3/5/2025 से 27 दिन तक आरोपियों की फरारी के बाद गुपचुप तरीके से बल्लू मुसलमान और मोहित की गिरफ्तारी की गई गुपचुप तरीके से  कैमरे की जद से दूर रखा गया। मीडिया से इस मामले में दूरियां बनाई गई प्रेस नोट में गिरफ्तारी कहां से हुई कौन से अपराध किन गंभीर धाराओं में दर्ज किए गए इसका जिक्र दूर की बात बिना प्रेस कॉन्फ्रेंस कराए बल्लू और मोहित को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। जिसके बाद बल्लू का वायरल वीडियो और पत्रकारों पर लगाए गंभीर आरोप अपने आप पर एक सवाल छोड़ गया कि क्या सिर्फ पत्रकारों के संरक्षण पर बल्लू कोतमा से उत्तरप्रदेश तक प्रतिदिन दो ट्रक मवेशी भेजता था। जो कोतमा, भालूमाड़ा, फुनगा, अनूपपुर, अमलाई,बुढार, शहडोल, सोहागपुर, मानपुर के थाना क्षेत्रों से बिना किसी रोकटोंक के वाहन गुजरता था और पुलिस को खबर तक नहीं थी। क्या पुलिस कप्तान मोती उर रहमान प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे जिले की जनता और मीडिया जानना चाहती है। काल डिटेल में आए दोषियों के नाम का क्या खुलासा होगा और क्या कार्यवाही होगी यह देखना अभी बाकी है।

इनका कहना है।

वायरल वीडियो कहा से आया हमें नहीं मालूम पुलिस की अभिरक्षा का यह वीडियो नहीं है। वायरल वीडियो संबंधित यदि कोई दस्तावेज मिले तो कार्यवाही की जायेगी।

श्री मोतीउर रहमान
पुलिस अधीक्षक अनूपपुर

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