Globe’s most trusted news site

, ,

दीपक विस्पुते बन सकते हैं भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री!

दीपक विस्पुते बन सकते हैं भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री!

   
 

केशव कुंज में संघ-भाजपा की ऐतिहासिक बैठक से बड़े फेरबदल के संकेत
22 अप्रैल 2025 को भारतीय राजनीति में एक बेहद निर्णायक क्षण आने वाला है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच दिल्ली स्थित नवनिर्मित ‘केशव कुंज’ भवन में होने जा रही समन्वय बैठक सिर्फ एक औपचारिक चर्चा नहीं, बल्कि संगठन और सत्ता के भविष्य का खाका तय करने जा रही है। इस बैठक में संघ के उच्चतम पदाधिकारियों की अभूतपूर्व उपस्थिति और भाजपा नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी से संकेत मिल रहे हैं कि भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव होने वाला है।

सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री जैसे सर्वोच्च संगठनात्मक पद पर मध्य भारत के प्रभावशाली प्रचारक और वर्तमान में संघ के अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख दीपक विस्पुते को नियुक्त किए जाने की प्रबल संभावना है। जबलपुर मूल के और लगभग 45 वर्षीय विस्पुते की छवि एक कर्मठ, संवादप्रिय और सोशल इंजीनियरिंग में दक्ष प्रचारक की रही है।

संघ की समीक्षा और सरकार पर नजर

बताया जा रहा है कि वर्ष 2022 से 2024 तक के मोदी सरकार के कार्य और संगठनात्मक निर्णयों पर संघ ने एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है, जो अब भाजपा नेतृत्व के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। साथ ही अगले तीन वर्षों के लिए सरकार का एजेंडा, संगठनात्मक ढांचे, और चुनावी रणनीति पर भी गंभीर चर्चा होगी

आरिफ मोहम्मद खान को मिल सकता है बड़ा पद

74 वर्षीय बिहार के वर्तमान राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को राज्यसभा के रास्ते लाकर केंद्रीय मंत्री बनाए जाने और यदि संघ सहमत हुआ, तो उन्हें भाजपा का पहला मुस्लिम राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा भी तेज है।

महत्वपूर्ण नेताओं पर टिकी निगाहें

संघ और भाजपा की इस ऐतिहासिक बैठक में जिन नेताओं को विशेष भूमिका में देखा जा रहा है, वे हैं:

के. अन्नामलाई (40 वर्ष)

तेजस्वी सूर्या (34 वर्ष)

डॉ. सुधांशु त्रिवेदी (54 वर्ष)

वनाथी श्रीनिवासन (54 वर्ष)

विष्णु दत्त शर्मा (53 वर्ष)

अनुराग ठाकुर (51 वर्ष)
इन नेताओं को आगामी समय में केंद्रीय मंत्रिमंडल या संगठन में महत्वपूर्ण दायित्व दिए जा सकते हैं।


संघ की ताकतवर उपस्थिति – पहली बार इतनी विस्तृत टीम

इस बैठक को विशेष बनाता है संघ की पूरी शक्ति का समावेश। सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले के साथ सभी छह सह-सरकार्यवाह और पांच क्षेत्रों के क्षेत्र प्रचारक पहले से ही केशव कुंज में डेरा जमाए हुए हैं। संघ प्रमुख मोहन भागवत स्वयं मथुरा में हैं और जरूरत पड़ने पर एक घंटे के भीतर बैठक में पहुंच सकते हैं।

दीपक विस्पुते की पृष्ठभूमि

संघ में सह बौद्धिक प्रमुख के रूप में सक्रिय।

2014 से 2023 तक मध्य क्षेत्र (मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़) में चुनावी जिम्मेदारियों में प्रमुख भूमिका।

आदिवासी, ओबीसी और दलित समाज में प्रभावी पकड़।

सामाजिक सुधार, संवाद, और चिंतन में गहरी रुचि।

मथुरा में 2023 में दिया गया उनका व्याख्यान चर्चा में रहा।


अब तक के संगठन महामंत्री

1. कुशाभाऊ ठाकरे (1980–1986)


2. केएन गोविंदाचार्य (1986–2000)


3. संजय जोशी (2000–2005)


4. रामलाल (2006–2014)


5. राम माधव (2014–2015)


6. बीएल संतोष (2015–अब तक)
अब दीपक विस्पुते का नाम चर्चाओं में है।



भाजपा संगठन चुनावों की वर्तमान स्थिति

भाजपा के संविधान के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले 50% राज्यों में संगठनात्मक चुनाव जरूरी हैं। अभी तक 14 राज्यों में यह प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, और बाकी 19 राज्यों में नियुक्तियां 22 अप्रैल के बाद की जाएंगी।

केंद्रीय मंत्रिमंडल में 10 पद रिक्त

वर्तमान में मंत्रिपरिषद में कुल 71 मंत्री हैं, जबकि संविधान के अनुसार 81 तक की अनुमति है। प्रधानमंत्री के पास 10 और पद भरने की संभावना है।

प्रधानमंत्री मोदी की सोशल इंजीनियरिंग

वर्तमान मंत्रिपरिषद में:

10 दलित मंत्री

27 ओबीसी मंत्री

5 आदिवासी मंत्री

7 महिला मंत्री
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संतुलन और सामाजिक प्रतिनिधित्व को लेकर की गई योजना स्पष्ट है।
                      भव्य ‘केशव कुंज’ भवन

नई दिल्ली के झंडेवालान स्थित संघ का नवनिर्मित भवन ‘केशव कुंज’ अब संघ का रणनीतिक nerve center बन गया है।

कुल क्षेत्रफल: 3.75 एकड़

तीन 12 मंजिला टावर, 300 से अधिक कमरे

पुस्तकालय, सभागार, छोटा अस्पताल और प्रशिक्षण केंद्र

पूरी तरह दान के पैसों से निर्मित

पारदर्शिता के लिए सभी दाताओं की सूची उपलब्ध
22 अप्रैल 2025 को होने जा रही यह बैठक भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में नई ऊर्जा, नई सोच और नए चेहरे लाने की दिशा में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है। दीपक विस्पुते जैसे प्रचारक का संगठन महामंत्री के रूप में आना, भाजपा की कार्यकर्ता-केंद्रित राजनीति और सोशल इंजीनियरिंग को और धार देगा। वहीं आरिफ मोहम्मद खान जैसे नेताओं की संभावित नियुक्तियां भाजपा की मुस्लिम समाज को लेकर दीर्घकालिक रणनीति की झलक देती हैं। केशव कुंज की यह ऐतिहासिक बैठक निश्चित ही देश की सियासी दिशा तय करेगी।

Tags

Leave a Reply

Ad with us

Contact us : admin@000miles.com

Admin

Kailash Pandey
Anuppur
(M.P.)

Categories

error: Content is protected !!