
मेरठ हत्याकांड में सीमेंट की बोरियों और ड्रम के इस्तेमाल के बाद अब ड्रम फिर से चर्चा में है, लेकिन इस बार मामला गोंडा जिले के जल निगम विभाग में तैनात जूनियर इंजीनियर (जेई) धर्मेंद्र कुशवाहा से जुड़ा है। जेई ने पुलिस प्रशासन के उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई है कि उसकी पत्नी, माया मौर्या, उसे “ड्रम में काटकर भरने” की धमकी दे रही है। यह आरोप केवल एक घरेलू विवाद नहीं, बल्कि भय और सनसनीखेज घटनाक्रम की ओर संकेत करता है।

पीड़ित जेई धर्मेंद्र कुशवाहा का दावा है कि उसकी पत्नी से लंबे समय से विवाद चल रहा है। रिश्तों में बढ़ते तनाव के बीच पत्नी माया ने एक दिन गुस्से में आकर उसे धमकी दी कि अगर वह उसकी बात नहीं मानेगा, तो उसे मौत के घाट उतारकर ड्रम में भर देगी। यह सुनकर जेई के होश उड़ गए और उसने तत्काल पुलिस से मदद की गुहार लगाई।
मेरठ हत्याकांड से क्यों हो रही है तुलना?
कुछ दिन पहले मेरठ में एक दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया था, जिसमें एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी थी। शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे सीमेंट की बोरियों में भरकर ड्रम में छुपा दिया गया था। इस घटना ने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी और अब गोंडा में जेई द्वारा लगाए गए आरोपों ने इस डर को और गहरा कर दिया है।

पुलिस प्रशासन ने जेई की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। शुरुआती पूछताछ में यह एक पारिवारिक विवाद लग रहा है, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ड्रम बना दहशत का प्रतीक
पहले अपराधों में चाकू, बंदूक, रस्सी जैसे साधनों का ज़िक्र आम होता था, लेकिन हाल ही में सीमेंट की बोरियां और ड्रम क्राइम की दुनिया में नया डरावना प्रतीक बन गए हैं। लोग अब मज़ाक में भी कहते सुने जाते हैं—”ड्रम देखो तो सतर्क हो जाओ!”
इस तरह के मामलों से समाज में दहशत फैलती है और कानून-व्यवस्था के लिए भी यह एक चुनौती बन जाता है। अगर कोई व्यक्ति वास्तव में खतरे में है, तो उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की ज़िम्मेदारी है।
गोंडा के इस मामले में सच्चाई क्या है, यह तो जांच के बाद ही साफ होगा, लेकिन एक बात निश्चित है—अब ड्रम सिर्फ पानी या सामान रखने का साधन नहीं, बल्कि एक डरावनी कल्पना का हिस्सा बन चुका है!



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