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साइबर क्राइम का नया जाल फर्जी सिम कार्ड से हो रहे अपराध, जानें कैसे बचें!

साइबर क्राइम का नया जाल फर्जी सिम कार्ड से हो रहे अपराध, जानें कैसे बचें!

फर्जी सिम कार्ड घोटाला अनूपपुर पुलिस ने सिम विक्रेता और सहयोगी को किया गिरफ्तार, जानें कैसे अपराधी आपके नाम की सिम का कर रहे दुरुपयोग
अनूपपुर में साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश, सिम कार्ड धोखाधड़ी के खिलाफ कोतवाली थाना प्रभारी अरविंद जैन  की कड़ी कार्रवाई
अनूपपुर मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में सिम कार्ड धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस अधीक्षक श्री मोती उर रहमान के निर्देश पर साइबर सेल द्वारा की गई गहन जांच के बाद मोबाइल सिम विक्रेता और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया गया है। ये आरोपी फर्जी दस्तावेजों और धोखाधड़ी के जरिए लोगों के नाम पर सिम जारी कर अपराधियों को बेच रहे थे। इस सिम का इस्तेमाल साइबर अपराध और धोखाधड़ी में किया जा रहा था।
कैसे पकड़ा गया फर्जी सिम नेटवर्क?

ग्राम कांसा (पिपरिया) निवासी हीरालाल पिता भारतलाल (22 वर्ष) ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की कि 21 मार्च 2024 को गांव में पवन सोनी नामक व्यक्ति ने छतरी के नीचे अपनी चलित दुकान लगाई थी। वह नई सिम जारी करने और पोर्टिंग करने का काम कर रहा था। हीरालाल ने अपनी पुरानी आइडिया सिम को जियो में पोर्ट कराया।
कुछ दिन बाद, जब हीरालाल एयरटेल की नई सिम लेने गया, तो उसे पता चला कि उसी के नाम से पहले ही 21 मार्च को एयरटेल की सिम जारी हो चुकी है। जबकि उसने कभी एयरटेल की सिम खरीदी ही नहीं थी।
जब जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि उसके नाम पर जारी सिम कार्ड किसी और व्यक्ति द्वारा उपयोग की जा रही थी। इस पर पुलिस ने साइबर सेल से जांच कराई और मामला सही पाए जाने पर थाना कोतवाली अनूपपुर में सिम विक्रेता (मोबाइल सिम प्रमोटर) पवन सोनी और उसके सहयोगी हिमांशु प्रजापति के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
कैसे हो रही थी फर्जी सिम कार्ड की बिक्री?
जांच में सामने आया कि पवन सोनी ने फर्जी तरीके से जारी की गई सिम को हिमांशु प्रजापति को बेच दिया था। पुलिस को शक है कि यह गिरोह कई अन्य राज्यों में साइबर फ्रॉड के लिए इसी तरह फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध करा रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पवन सोनी पिता परसराम सोनी (21 वर्ष), निवासी ग्राम चकेठी, थाना चचाई, जिला अनूपपुर
हिमांशु प्रजापति पिता हरेंद्र प्रजापति (23 वर्ष), निवासी अमलई, मूल निवासी सिवान, बिहार
कैसे जानें कि कोई अपराधी आपके नाम की सिम का इस्तेमाल कर रहा है?
आजकल साइबर अपराधी फर्जी पहचान और कागजात के जरिए लोगों के नाम पर सिम कार्ड जारी करवा लेते हैं। इन सिम कार्ड्स का इस्तेमाल बैंक धोखाधड़ी, साइबर क्राइम, ऑनलाइन ठगी, ब्लैकमेलिंग और आपराधिक गतिविधियों के लिए किया जाता है।
अपने नाम पर जारी सिम कार्ड की जांच कैसे करें?
TAFCOP (Telecom Analytics for Fraud Management & Consumer Protection) पोर्टल पर जाएं वेबसाइट https://tafcop.dgtelecom.gov.in/
यहां अपने मोबाइल नंबर से लॉगिन करें और देखें कि आपके नाम पर कितनी सिम कार्ड एक्टिव हैं
यदि कोई अज्ञात नंबर आपके नाम पर जारी दिखे, तो तुरंत रिपोर्ट करें
संदिग्ध कॉल्स या संदेशों पर सतर्क रहें ।सिम खरीदते समय केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही सिम लें
बायोमेट्रिक और आधार वेरिफिकेशन के समय सावधान रहें
कोई भी अनजान व्यक्ति यदि मुफ्त सिम या ऑफर का लालच दे, तो सतर्क रहें
पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों को दी चेतावनी
अनूपपुर पुलिस अधीक्षक श्री मोती उर रहमान ने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने कहा कि नई सिम खरीदते समय विशेष सतर्कता बरतें और सुनिश्चित करें कि आईडी और बायोमेट्रिक स्कैनिंग सुरक्षित रूप से हो रही है।
क्या करें अगर आपके नाम पर फर्जी सिम जारी हो जाए?
TAFCOP पोर्टल पर जांच करें
तुरंत टेलीकॉम कंपनी के कस्टमर केयर से संपर्क करें
निकटतम पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराएं
साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) पर कॉल करें
यह मामला दिखाता है कि कैसे फर्जी सिम कार्ड का नेटवर्क चलाया जा रहा है और अपराधी आम लोगों के नाम पर सिम लेकर गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। साइबर सुरक्षा आज के दौर में बेहद जरूरी हो गई है और हमें अपनी डिजिटल पहचान को सुरक्षित रखने के लिए सतर्क रहना होगा।

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Kailash Pandey
Anuppur
(M.P.)

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