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अंकिता-हसनैन की शादी पर फिलहाल रोक
जस्टिस जीएस अहलूवालिया के फैसले को बनाया आधार,

अंकिता-हसनैन की शादी पर फिलहाल रोकजस्टिस जीएस अहलूवालिया के फैसले को बनाया आधार,

चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के आर्डर पर लगाई रोक, डीजीपी को नोटिस जारी

जबलपुर। हाईकोर्ट चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैथ और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने शुक्रवार को मामले में सुनवाई की।
इंदौर निवासी युवती और जबलपुर सिहोरा निवासी हसनैन अंसारी की शादी के मामले में शुक्रवार को जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैथ और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के आदेश पर रोक लगा दी है।


कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम लड़के की हिंदू लड़की से होने वाली शादी को लेकर इससे पहले भी 2023 में जस्टिस जीएस अहलूवालिया की कोर्ट ने फैसला सुनाया था। उस फैसले में कहा है कि मुस्लिम लड़का या फिर मुस्लिम लड़की की दूसरे धर्म में शादी नहीं हो सकती। सेक्शन 4 स्पेशल मैरिज एक्ट के हिसाब से शादी नहीं हो सकती।
क्या दलील पेश की गई
याचिकाकर्ता की तरफ से हाई कोर्ट में अधिवक्ता अशोक लालवानी ने बताया कि यह केस जिस पर कि जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने फैसला सुना चुके थे। वही जब जस्टिस विशाल धगट की कोर्ट में आया तो एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए प्रेमी युगल को सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश पुलिस अधीक्षक को दिए हैं। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि दोनों अलग-अलग रहेंगे। एक-दूसरे से संपर्क नहीं करेंगे। बताया गया कि जस्टिस विशाल घगट के ऑर्डर पर सुनवाई करते हुए 12 तारीख को होने वाली शादी से जुड़े आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी। मामले पर अगली सुनवाई अब 2 सप्ताह बाद होगी।

युवक-युवती ने दायर की थी याचिका



इंदौर निवासी युवती और सिहोरा निवासी हसनैन अंसारी ने पुलिस सुरक्षा की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा था कि उन्होंने विशेष विवाह अधिनियम के तहत विवाह के लिए कलेक्टर जबलपुर कार्यालय में आवेदन किया था। उसके बाद से लड़की पक्ष तथा धार्मिक संगठन के लोग विरोध कर रहे हैं, जिसके कारण दोनों को अपनी जान का खतरा है। एकलपीठ ने मामले की सुनवाई चैंबर में की थी।0सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने बताया कि दोनों के बीच विगत चार साल से प्रेम संबंध हैं। एक साल से लिव-इन-रिलेशनशिप में रह रहे हैं। दोनों अपनी मर्जी से शादी करना चाहते हैं। लड़की के परिजनों ने विरोध करते हुए पूर्व में पारित आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि विशेष विवाह अधिनियम के तहत हुआ विवाह भी विशेष समुदाय के एक्ट के तहत मान्य नहीं होगा। मुस्लिम समाज में अग्नि व मूर्ति पूजन करने वालों से विवाह मान्य नहीं है।
16 अक्टूबर को लेटर मिला था

इंदौर की युवती जबलपुर निवासी हसनैन अंसारी (29) के साथ इंदौर में प्राइवेट जॉब करती थी। दोनों एक-दूसरे को 3 साल से जानते हैं। युवती के परिजन को 16 अक्टूबर को लेटर मिला। लिखा था कि वह रजिस्टर्ड मैरिज कर रही है। इस लेटर के फौरन बाद युवती के भाई ने इंदौर के राउ थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई।
युवती के भाई का कहना है कि 4 अक्टूबर को वह घर से यह कहकर निकली कि भोपाल की एक कंपनी में जाॅब लग गई है। 15 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे अचानक उसका मोबाइल बंद हो गया।
कहा गया किनिश्चित रूप से यह केस लव जिहाद की तरफ जा रहा है। जिस तरह उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पुलिस प्रोटेक्शन मांगा है, उससे साफ है कि वह किसी के दबाव में आकर यह सब कर रही है।  आरोप लगाया गया कि उसका परिवार भी बहन को गायब करने में शामिल है।

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