
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और किसानों के मुआवजे पर ऐतिहासिक फैसले
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक में चिकित्सा अधोसंरचना को मजबूत करने, किसानों को भूमि अधिग्रहण का उचित लाभ दिलाने और शिक्षा क्षेत्र में बजट आवंटन को लेकर व्यापक चर्चा हुई। सरकार ने आगामी 5 वर्षों के लिए विभिन्न योजनाओं के रोडमैप को स्वीकृति प्रदान की है।
अस्पतालों में परिजनों के लिए रुकने की नई व्यवस्था
प्रदेश के चिकित्सा इतिहास में पहली बार मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए शेल्टर होम बनाने का निर्णय लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग वर्तमान में संचालित 20 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में चरणबद्ध तरीके से इन विश्राम गृहों का निर्माण कराएगा। यह व्यवस्था उन मेडिकल कॉलेजों में भी लागू होगी जो अभी निर्माणाधीन हैं। इन शेल्टर होम के संचालन के लिए सरकार केवल जमीन उपलब्ध कराएगी, जबकि भवन निर्माण और अन्य नागरिक सुविधाएं सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से पूरी की जाएंगी। इसका मुख्य उद्देश्य परिजनों को कम दरों पर भोजन और आवास उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें भटकना न पड़े।
किसानों को भूमि अधिग्रहण पर चार गुना मुआवजा
ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों के लिए कैबिनेट ने एक बड़ा फैसला लेते हुए फैक्टर-2 को लागू करने की अनुमति दी है। इसके अंतर्गत अब ग्रामीण इलाकों में किसानों की जमीन अधिग्रहित किए जाने पर उन्हें बाजार मूल्य से 4 गुना तक अधिक मुआवजा मिल सकेगा। इसके अलावा प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास और विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 33 हजार करोड़ रुपए के प्रस्तावों को भी हरी झंडी दिखाई गई है। इस निर्णय से विकास परियोजनाओं में तेजी आएगी और विस्थापित होने वाले भू-स्वामियों को आर्थिक सुरक्षा प्राप्त होगी।
चिकित्सा सुविधाओं और कैथ लैब का विस्तार
स्वास्थ्य क्षेत्र में गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार अगले 5 सालों में 2 हजार करोड़ रुपए का निवेश करेगी। इस राशि का उपयोग सभी मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब और ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के लिए किया जाएगा। नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ बनाने के साथ ही गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए स्थानीय स्तर पर इंतजाम किए जाएंगे। इससे मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों या बड़े निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
शिक्षा बजट और विद्यार्थी कल्याण योजनाएं
शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए कैबिनेट ने साइकिल वितरण योजना को निरंतर रखने का फैसला किया है। अगले 5 वर्षों में कक्षा 6वीं और 9वीं के छात्रों को साइकिल देने के लिए 990 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। साथ ही शिक्षा प्रशिक्षण संस्थानों के उन्नयन और विकास कार्यों पर 1200 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान मंत्री शिवाजी पटेल ने बताया कि महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने हेतु नारी शक्ति वंदन के अंतर्गत एक विशेष सत्र का आयोजन भी किया जाएगा।


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