
प्रयागराज। जिले में दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। करछना थाना क्षेत्र के अंतर्गत पचदेवरा गांव के समीप बुधवार शाम कालका मेल से उतरकर पटरी पर मौजूद पांच यात्री दूसरी दिशा से आ रही पुरुषोत्तम एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। इस भीषण टक्कर में पांचों व्यक्तियों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब यात्री रेल लाइन के किनारे खड़े थे और तेज रफ्तार ट्रेन ने उन्हें अपनी जद में ले लिया।
चेन पुलिंग के बाद पटरी पर उतरे थे यात्री
हादसे की पृष्ठभूमि कालका मेल में हुई एक घटना से जुड़ी है। बताया जा रहा है कि कालका मेल से एक यात्री के नीचे गिर जाने के कारण किसी ने चेन पुलिंग कर दी थी। ट्रेन रुकते ही कोच के भीतर मौजूद कुछ यात्री ताजी हवा लेने या अन्य कार्यों के लिए नीचे उतर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ लोग पटरी पर ही खड़े होकर लघुशंका करने लगे। इसी बीच मिर्जापुर की दिशा से आ रही पुरुषोत्तम एक्सप्रेस अत्यंत तीव्र गति से वहां पहुंची। अंधेरा और शोर होने के कारण यात्री ट्रेन की आहट नहीं समझ सके और इंजन की चपेट में आ गए।
मृतकों की शिनाख्त और गंतव्य की जानकारी
रेलवे प्रशासन से प्राप्त विवरण के मुताबिक इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोग फिरोजाबाद जिले के निवासी थे। मृतकों में खैरगढ़ थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुर गांव का 19 वर्षीय आकाश पुत्र गिरिराज शामिल है। वह अपने अन्य साथियों के साथ कोलकाता में एक वैवाहिक कार्यक्रम में सम्मिलित होने जा रहा था। इसके अलावा कोलकाता निवासी अजय पुत्र मुन्ना पासी और मिर्जापुर के सुनील की भी पहचान की गई है। दो अन्य मृतकों की पहचान के लिए पुलिस प्रयास कर रही है। यह सभी लोग फिरोजाबाद से कोलकाता की यात्रा पर निकले थे और कालका मेल के डाउन ट्रैक पर रुकने के बाद नीचे उतरे थे।
रेलवे अधिकारियों और पुलिस की विधिक कार्रवाई
घटना की जानकारी सबसे पहले शाम 6:15 बजे ट्रेन नंबर 12312 के गार्ड और लोको पायलट ने दी। उन्होंने कंट्रोल रूम को सूचित किया कि किलोमीटर संख्या 801/ 24-22 पर डाउन लाइन पर शव पड़े हुए हैं। सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस, स्थानीय करछना थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने सभी शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रेलवे ट्रैक पर हुए इस मंजर के बाद काफी देर तक वहां अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी बनी काल
प्रयागराज मंडल के करछना-भीरपुर रेल खंड पर हुई इस त्रासदी में शुरुआती जांच के बाद लापरवाही को ही सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। रेल नियमों के अनुसार चलती ट्रेन को चेन पुलिंग के बाद रोके जाने पर यात्रियों का पटरी पर उतरना प्रतिबंधित होता है। जानकारों का कहना है कि यात्रियों ने दूसरी तरफ से आने वाली ट्रेन के खतरे को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। पुलिस अब इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल रेलवे ने ट्रैक को साफ कराकर यातायात बहाल कर दिया है।


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