
पन्ना । जिले में वन्यजीव और इंसानों के बीच संघर्ष की एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। विश्रमगंज रेंज के अंतर्गत आने वाले महुआ टोला क्षेत्र में शुक्रवार 9 अप्रैल की शाम एक बाघ ने महुआ बीन रही महिला पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले के दौरान बाघ महिला को जबड़े में दबाकर जंगल के भीतर खींचने का प्रयास कर रहा था, किंतु मौके पर मौजूद अन्य ग्रामीणों की सूझबूझ और अदम्य साहस के कारण एक बड़ी अनहोनी टल गई।
झाड़ियों में घात लगाकर बैठा था शिकारी
पन्ना के टगर बीट क्रमांक 299 में घटित इस घटना के समय 35 वर्षीय रामकली आदिवासी अपने 4-5 अन्य साथियों के साथ महुआ एकत्रित करने के लिए जंगल की सीमा पर गई थी। वर्तमान में महुए का सीजन होने के कारण ग्रामीण प्रतिदिन सुबह और शाम के वक्त जंगल का रुख करते हैं। रामकली जब काम में व्यस्त थी, तभी झाड़ियों में छिपे बाघ ने अचानक उस पर झपट्टा मार दिया। बाघ ने महिला के पैर को अपने मजबूत जबड़ों में जकड़ लिया और उसे घसीटते हुए गहरे जंगल की ओर ले जाने लगा। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन रामकली के साथियों ने भागने के बजाय बाघ का सामना करने का निर्णय लिया।
ग्रामीणों के शोर से पीछे हटा बाघ
महिला को मौत के मुंह से बाहर निकालने के लिए ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से चिल्लाना शुरू किया और अपने पास मौजूद डंडों व लकड़ियों को बाघ की दिशा में फेंकना शुरू कर दिया। ग्रामीणों के इस कड़े प्रतिरोध और शोर-शराबे से बाघ घबरा गया और महिला को वहीं छोड़कर जंगल के भीतर भाग निकला। बाघ के जाने के बाद लहूलुहान हालत में रामकली को तुरंत वहां से निकाला गया। रेंजर अजय वाजपेयी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि घायल महिला को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। वन विभाग ने इस घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों को जंगल में अकेले न जाने और सतर्क रहने की हिदायत दी है।


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