
रिजेल्ट आ गओ जिज्जी, हर घर में बधाई और मिठाई को दौर चल रओ ।काये जिज्जी, तुम भी तो सोऊ पढी-लिखीं दिखतीं. तब जे सरकारी स्कूल ऐसे रिजेल्ट नईं दैरये ते….जैसे आज दै रये,बड़े से बड़े चमक दमक बाले निजी स्कूल औंधेडरे और आदिवासियन के इलाके वारे दीन-हीन मास्टर विहीन स्कूल तो शोहरत लूट रये ।सारे मोंड़ा-मोंड़ियन खेहमाओ आशीर्वाद है ।खूब पढें-खूब आगे बढेंमगर जिज्जी अचानक से ऐसो का हो गओ कै पढाई में इत्तो उछाल आ गओ…।अरी,बिन्नूतुमने मन की बात नईं सुनीं तो आगे से गांठ बांध लो मन की बात जरुर सुनो करे…ओई में तो पास होवे के टिप्स बताये जात औ सबको टेंशन दूर करो जात । उम्दा पहल हैमन की बात..।मोदी और मोहन यानि डबल एम की सरकार ने जब सेगांव-गांव में लैपटाॅप दयेसाईकल दई, स्कूटी दईवजीफा दओ,किताबें दईंफेल होवे के बाद फिर से परीक्षा दैवे को मौका भी दओ सो बस बच्चन ने तय कर लई कै हमें आगेबढनें सो आगे बढ गये ।काये जिज्जीजेई काम पहले की सरकारन ने काये नईं करो…?बिन्नू ,पहले कि सरकार ने तो मास्टर के गले पे ऐसोखंजर भी नईं रखो तो कि जिस स्कूल का रिजेल्ट निर्धारित मानदण्डों के अनुरुप नहीं होगा उसके मास्टरों का इंक्रीज मेंट ब्रेक कर दिया जायेगा ।विधानसभा में जबाब आओ तो हतो कि प्रदेश में इतने स्कूल शिक्षक विहीन हैं, इतने स्कूल एक शिक्षकीय हैं.. इतने जर्जर भवन हैॅ,इतने में लाईब्रेरी नहीं है…। लेकिन ऐसी आपदा में भी अवसर ढूंढना ही तो कौशल विकास है ।काये जिज्जीअनूपपुर जिलाडेढ दशक पहले बनो और शिक्षा में शहडोल से आगे निकर गओ जा कौन सी रामलीला हो गई…?कछू नईं बिन्नू हम खेल-कूंद करखे मिनी ब्राजील बना ले गये उन से बहुत आगे हैं । पढाई में विकेंसीं के चांस कम हैं खेल में चांसईं-चांस हैंअब इंदौर जिला देखो कि वो सफाई में ऐसी मेहनत कर रओ कि रिजेल्ट की सूची में भी साफ है ।बिन्नू छतरपुर से चार नाम मेरिट में आ गयेऔर पन्ना तो टाॅप रहो प्रतिभा बिटिया ने हम सब को नाम रोशन कर दओ ।आज नोंनी-नोंनी बातन में समय को पतो कौन चलो हम चलत हैं, जिज्जी राम- राम ।


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