
मैहर। रेलवे स्टेशन पर सोमवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रीवा से इतवारी की ओर जा रही ट्रेन में सवार होने की कोशिश के दौरान एक महिला यात्री का संतुलन बिगड़ गया। वह प्लेटफॉर्म और पटरी के बीच के खतरनाक अंतराल में गिरने ही वाली थी कि वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने अपनी जान पर खेलकर उसे सुरक्षित बचा लिया।
चलती ट्रेन में सवार होने का प्रयास और हादसा
सोमवार 13 अप्रैल की शाम करीब 6:45 बजे ट्रेन संख्या 11754 रीवा-इतवारी एक्सप्रेस मैहर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 से गंतव्य के लिए रवाना हो रही थी। इसी दौरान छिंदवाड़ा निवासी 38 वर्षीय योगिता श्रीवास ने चलती हुई ट्रेन के पीछे लगे जनरल कोच में चढऩे की कोशिश की। गति पकड़ चुकी ट्रेन के पायदान पर पैर रखते ही उनका संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने की वजह से वह सीधे ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच खाली जगह में समाने लगीं। महिला जबलपुर जाने के लिए ट्रेन पकड़ रही थी।
सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी से बची जान
जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय जीआरपी आरक्षक दिनेश कुमार पटेल और आरपीएफ आरक्षक प्रमोद मिश्रा प्लेटफॉर्म पर ही अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। महिला को गिरता देख दोनों जवानों ने बिना एक पल गंवाए उसकी ओर दौड़ लगा दी। जवानों ने महिला को मजबूती से पकड़कर बाहर की ओर खींच लिया। जवानों की इस तत्परता की वजह से महिला कोच के नीचे आने से बच गई। इस घटना में महिला को कोई गंभीर चोट नहीं आई है और वह पूरी तरह सुरक्षित है। यह पूरी घटना स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है।
शराबी की जांच के दौरान घटित हुई घटना
यह बचाव कार्य एक अन्य घटनाक्रम के दौरान हुआ। दरअसल स्टेशन मैनेजर राजेश कुमार को प्लेटफॉर्म पर एक व्यक्ति के बेहोश पड़े होने की जानकारी मिली थी। स्टेशन मास्टर कामर्शियल प्राणमोहन मिश्रा के साथ जीआरपी और आरपीएफ की टीम उस नशे में धुत व्यक्ति की स्थिति का जायजा लेने वहां पहुंची थी। टीम अभी उस व्यक्ति की जांच कर ही रही थी कि तभी अचानक महिला के गिरने पर चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर वहां पड़ा शराबी व्यक्ति भी हड़बड़ाहट में होश में आया और मौका पाकर वहां से भाग खड़ा हुआ। स्टेशन मैनेजर ने जवानों की बहादुरी की प्रशंसा की है।


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